पटना: बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए चुनाव की घोषणा होते ही सियासी हलचल तेज हो गई है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) द्वारा उम्मीदवार उतारने के फैसले के बाद मुकाबला और रोचक हो गया है। इस बीच चिराग पासवान ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि यदि तेजस्वी यादव राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवार बनते हैं, तो उन्हें विधानसभा चुनाव जैसी हार का सामना करना पड़ेगा।
सोमवार को लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रदेश मुख्यालय में आयोजित होली मिलन समारोह के दौरान चिराग पासवान ने दावा किया कि राज्यसभा की सभी पांचों सीटें एनडीए के खाते में जाएंगी, चाहे उम्मीदवार किसी भी घटक दल से हों। कार्यक्रम में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक दल के नेता राजू तिवारी सहित कई मंत्री, सांसद और पदाधिकारी मौजूद रहे। इस अवसर पर उन्होंने होली की शुभकामनाएं देते हुए विश्व शांति और समृद्धि की कामना भी की।
रविवार को राजद की केंद्रीय और राज्य संसदीय बोर्ड की बैठक में राज्यसभा चुनाव लड़ने का निर्णय लिया गया। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि वह एनडीए को सभी पांच सीटों पर निर्विरोध जीत दर्ज नहीं करने देगी। हालांकि अब तक यह साफ नहीं हो पाया है कि तेजस्वी यादव स्वयं उम्मीदवार होंगे या नहीं। इस महीने के अंत तक चुनाव प्रक्रिया पूरी होनी है, जबकि नामांकन की अंतिम तिथि 6 मार्च तय की गई है।
विधानसभा में मौजूदा संख्या बल राजद के लिए चुनौती बना हुआ है। 243 सदस्यीय विधानसभा में पार्टी के पास 25 विधायक हैं। कांग्रेस और वाम दलों के समर्थन के बावजूद आवश्यक 35 विधायकों के आंकड़े से वह पीछे है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल (यूनाइटेड) दो सीटों को बरकरार रखने की तैयारी में है। वहीं 89 विधायकों वाली भारतीय जनता पार्टी भी दो सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने जा रही है। संभावित नामों में बिहार के नेता नितिन नवीन और भोजपुरी फिल्म अभिनेता पवन सिंह की चर्चा है।
राजद एक सीट पर अपनी दावेदारी मजबूत करने के लिए ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के पांच विधायकों और बसपा के एक विधायक के समर्थन पर नजर बनाए हुए है।
बिहार की पांच राज्यसभा सीटों को लेकर सियासी जंग अब पूरी तरह शुरू हो चुकी है और आने वाले दिनों में राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने के आसार हैं।


