नई दिल्ली | 03 मार्च, 2026
खबर के मुख्य बिंदु (Highlights):
- बड़ी डील: भारत और कनाडा के बीच ऊर्जा, रक्षा और व्यापार समेत 17 महत्वपूर्ण समझौते।
- परमाणु शक्ति: $2.6 अरब का यूरेनियम आपूर्ति समझौता, भारत की बिजली जरूरतों को मिलेगी रफ्तार।
- लक्ष्य: 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को $50 अरब तक ले जाने के लिए FTA पर सहमति।
- शिक्षा: अब भारत में भी पढ़ सकेंगे छात्र, देश में कैंपस खोलेंगे कनाडा के विश्वविद्यालय।
नई दिल्ली: भारत और कनाडा के रिश्तों में एक नए और सुनहरे अध्याय की शुरुआत हुई है। भारत दौरे पर आए कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच सोमवार को हुई द्विपक्षीय बैठक ने वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था की दिशा बदल दी है। दोनों देशों ने न केवल व्यापार, बल्कि परमाणु ऊर्जा और रक्षा जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में 17 बड़े समझौतों और घोषणाओं पर मुहर लगाई है।
यूरेनियम डील: $2.6 अरब से रोशन होगा भारत!
इस शिखर सम्मेलन की सबसे बड़ी खबर $2.6 अरब (लगभग ₹21,500 करोड़) का यूरेनियम आपूर्ति समझौता है।
- असैन्य परमाणु ऊर्जा: कनाडा भारत के सिविल न्यूक्लियर सेक्टर को यूरेनियम की सप्लाई करेगा।
- आधुनिक तकनीक: दोनों देश मिलकर छोटे और आधुनिक परमाणु रिएक्टरों (SMRs) के निर्माण पर काम करेंगे, जिससे स्वच्छ ऊर्जा के लक्ष्य को पाना आसान होगा।
$50 बिलियन का टारगेट: ‘मुक्त व्यापार’ की तैयारी
प्रधानमंत्री मोदी ने घोषणा की कि भारत और कनाडा ने 2030 तक आपसी व्यापार को $50 अरब तक पहुँचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है।
- FTA की रूपरेखा: मुक्त व्यापार समझौते (Free Trade Agreement) को जल्द ही अंतिम रूप दिया जाएगा, जिससे दोनों देशों के उद्योगों को बड़ा बाजार मिलेगा।
- दुर्लभ खनिज: भारत को कनाडा से ‘रेयर अर्थ मिनरल्स’ (Rare Minerals) की सप्लाई होगी, जो मोबाइल, लैपटॉप और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के निर्माण के लिए बेहद जरूरी हैं।
डिफेंस डॉयलाग: समंदर से आसमान तक बढ़ेगी ताकत
रक्षा क्षेत्र में भी दोनों देशों ने सहयोग का नया हाथ बढ़ाया है।
- सैन्य आदान-प्रदान: दोनों देशों की सेनाओं के बीच अब अधिक ट्रेनिंग और जॉइंट एक्सरसाइज होंगी।
- मैरीटाइम अवेयरनेस: समुद्री सुरक्षा और सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए ‘डिफेंस डॉयलाग’ शुरू करने का निर्णय लिया गया है।
शिक्षा और ग्लोबल एलायंस: भारत बनेगा हब
कनाडा ने वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते कद को स्वीकार करते हुए दो बड़ी घोषणाएं कीं:
- एलायंस में शामिल: कनाडा अब भारत की पहल वाले ‘इंटरनेशनल सोलर एलायंस’ और ‘बायोफ्यूल एलायंस’ का हिस्सा बनेगा।
- यूनिवर्सिटी कैंपस: भारतीय छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी यह है कि कनाडा के शीर्ष विश्वविद्यालय अब भारत में अपने ऑफ-शोर कैंपस खोलेंगे, जिससे छात्रों को घर बैठे अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा मिल सकेगी।
VOB का नजरिया: बिहार के युवाओं के लिए सुनहरे अवसर
कनाडा के साथ हुए इन समझौतों का सीधा असर बिहार जैसे राज्यों पर भी पड़ेगा। कनाडा की यूनिवर्सिटीज के भारत आने से बिहार के मेधावी छात्रों को ग्लोबल एजुकेशन के लिए विदेश जाने की मजबूरी कम होगी। साथ ही, दुर्लभ खनिजों और परमाणु ऊर्जा में निवेश से देश में मैन्युफैक्चरिंग बढ़ेगी, जिससे बिहार के स्किल्ड युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खुलेंगे।


