
मधुबनी/मुंगेर | 03 मार्च, 2026
खबर के मुख्य बिंदु (Highlights):
- गिरफ्तारी: मधुबनी पुलिस केंद्र में तैनात दारोगा नूतन कुमारी को मुंगेर पुलिस ने पकड़ा।
- वजह: मुंगेर में अपनी सास के साथ की थी बेरहमी से मारपीट और जानलेवा हमला।
- कार्रवाई: मधुबनी एसपी योगेंद्र कुमार ने तत्काल प्रभाव से किया निलंबित।
- केस: मुंगेर के असरगंज थाने में दर्ज मामले के आधार पर हुई कार्रवाई।
मधुबनी: बिहार पुलिस महकमे से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने वर्दी की गरिमा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। दूसरों को कानून का पाठ पढ़ाने वाली एक महिला सब-इंस्पेक्टर खुद सलाखों के पीछे पहुँच गई हैं। मधुबनी पुलिस केंद्र में कार्यरत महिला दारोगा नूतन कुमारी को अपनी ही सास पर जानलेवा हमला करने के संगीन आरोप में गिरफ्तार किया गया है। इस घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
ससुराल में ‘खूनी’ तकरार: बुजुर्ग सास को किया लहूलुहान
यह पूरा मामला मुंगेर जिले के असरगंज थाना क्षेत्र से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार, दारोगा नूतन कुमारी का अपनी ससुराल में सास के साथ किसी पारिवारिक मुद्दे को लेकर विवाद हुआ था। आरोप है कि विवाद के दौरान नूतन ने अपना आपा खो दिया और अपनी बुजुर्ग सास के साथ जमकर मारपीट की। हमला इतना भीषण था कि उनकी सास गंभीर रूप से जख्मी हो गई और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
मुंगेर पुलिस की दबिश और गिरफ्तारी
सास पर हमले के बाद परिजनों ने मुंगेर के असरगंज थाने में नूतन कुमारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। सोमवार को मुंगेर पुलिस की एक विशेष टीम ने मधुबनी पहुँचकर दबिश दी और आरोपी महिला दारोगा को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस उन्हें मुंगेर ले गई है, जहाँ उनसे आगे की पूछताछ की जा रही है।
एसपी का कड़ा एक्शन: तत्काल प्रभाव से ‘निलंबित’
महिला दारोगा की इस करतूत और गिरफ्तारी की सूचना जैसे ही मधुबनी के एसपी योगेंद्र कुमार को मिली, उन्होंने कड़ा रुख अपनाया। एसपी ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता और आपराधिक कृत्य मानते हुए दारोगा नूतन कुमारी को पद से निलंबित (Suspend) कर दिया है। पुलिस मुख्यालय का साफ संदेश है कि वर्दी की आड़ में कानून हाथ में लेने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
VOB का नजरिया: कानून के सामने ‘वर्दी’ भी बराबर
एक पुलिस अधिकारी का पहला कर्तव्य समाज और परिवार में शांति बनाए रखना है। जब रक्षक ही घर के भीतर ‘भक्षक’ बन जाए, तो समाज में गलत संदेश जाता है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ एसपी के त्वरित एक्शन का स्वागत करता है। यह मामला एक सबक है कि कानून की नजर में कोई ‘साहब’ या ‘दारोगा’ नहीं, बल्कि हर अपराधी केवल एक मुल्जिम है।


