बिहार की शिक्षा में ‘नवाचार की लहर’: पटना में दो दिवसीय राज्य स्तरीय PBL मेला संपन्न; शिक्षा मंत्री ने कहा- “हमारा लक्ष्य राष्ट्रीय सर्वेक्षण ‘परख’ में टॉप करना”

पटना | 26 फरवरी, 2026: बिहार के सरकारी स्कूलों की सूरत और सीरत बदलने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए राजधानी पटना में प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग (PBL) कार्यक्रम के तहत दो दिवसीय राज्य स्तरीय विज्ञान एवं गणित मेले का भव्य आयोजन किया गया। गुरुवार को महेंद्रू स्थित एससीईआरटी (SCERT) परिसर में शिक्षा मंत्री श्री सुनील कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर इस मेले का उद्घाटन किया और छात्रों के नवाचारी प्रोजेक्ट्स की सराहना की।

“छोटे कदम, बड़े बदलाव”: शिक्षा मंत्री का विजन

​मेले में राज्य के सभी 38 जिलों से आए नन्हे वैज्ञानिकों और शिक्षकों के हुनर को देख शिक्षा मंत्री ने कहा:

  • गुणवत्तापूर्ण शिक्षा: शिक्षक और विद्यार्थी मिलकर बिहार को नवाचारी शिक्षा का सशक्त उदाहरण बनाएंगे।
  • स्थायी सीख: जब बच्चे स्वयं प्रयोग और मॉडल बनाकर सीखते हैं, तो वह ज्ञान अधिक प्रभावी और स्थायी होता है।
  • मिशन ‘परख’: हमारा सामूहिक लक्ष्य है कि आगामी राष्ट्रीय सर्वेक्षण ‘परख’ में बिहार न केवल राष्ट्रीय औसत को पार करे, बल्कि अग्रणी राज्यों में शामिल हो।

PBL मेला: विज्ञान और गणित का जीवंत मंच

​कक्षा 6 से 8 तक के बच्चों के लिए आयोजित इस मेले में गजब का उत्साह दिखा। मंत्रा सोशल सर्विसेज के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण रहे:

  1. पैनल डिस्कशन: शिक्षाविदों ने ‘अनुभव से नेतृत्व’ विषय पर चर्चा की और छात्रों की जिज्ञासाओं को शांत किया।
  2. किलकारी की प्रस्तुति: ‘किलकारी’ के बच्चों ने विज्ञान पर आधारित एक प्रेरणादायक नाट्य प्रस्तुति दी।
  3. सूक्ष्म अवलोकन: राज्य स्तरीय मूल्यांकन समिति ने हर जिले से आए प्रोजेक्ट्स का बारीकी से परीक्षण किया।

सम्मानित हुए ‘शिक्षा के सितारे’: विजेता विद्यालयों की सूची

​मेले के दौरान गणित और विज्ञान विषयों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों को पुरस्कृत किया गया:

विषय

उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यालय (प्रमुख नाम)

गणित (Math)

उ० म० वि० हरिपुर (कैमूर), मध्य विद्यालय इटहरी (बांका), उ० म० वि० पहाड़पुर (कटिहार), उ० म० वि० डुमरा टोल (समस्तीपुर), मध्य विद्यालय दतियाना (पटना)।

विज्ञान (Science)

मध्य विद्यालय रामनगर (मुंगेर), मध्य विद्यालय बीहट (बेगूसराय), बुनियादी विद्यालय (वृंदावन), उ० म० वि० बंधु बिगहा (अरवल), मध्य विद्यालय कुड़वा गयाजी (गया)।

अधिकारियों का संदेश: “ललक ही बढ़ाएगी आगे”

​अपर मुख्य सचिव डॉ. बी राजेंद्र ने कहा कि शिक्षकों और विद्यार्थियों में पठन-पाठन की ललक ही राज्य को आगे ले जाएगी। वहीं, एससीईआरटी निदेशक दिनेश कुमार ने जोर दिया कि यह पहल कक्षाओं को संवाद और खोज का जीवंत मंच बना रही है।

VOB का नजरिया: क्या प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग बदलेगी बिहार का भविष्य?

​सरकारी विद्यालयों में ‘रट्टा मार’ पढ़ाई की छवि को तोड़कर प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग (PBL) का आना एक क्रांतिकारी बदलाव है। इससे न केवल बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ रहा है, बल्कि वे असल जिंदगी की समस्याओं का समाधान विज्ञान और गणित में ढूंढना सीख रहे हैं। ‘परख’ जैसे राष्ट्रीय सर्वेक्षणों में बेहतर प्रदर्शन के लिए यह ‘रचनात्मकता’ सबसे अहम हथियार साबित होगी।

ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार (VOB)।

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