राजधानी Patna के लोगों के लिए बहुप्रतीक्षित मेट्रो सेवा का इंतजार अब लगभग खत्म होने वाला है। मलाही पकड़ी से खेमनीचक के बीच मेट्रो परिचालन का रास्ता पूरी तरह साफ हो चुका है और 28 फरवरी को होने वाली सुरक्षा आयुक्त की अंतिम जांच पर सबकी निगाहें टिकी हैं। इसी दिन पहले चरण के औपचारिक उद्घाटन की संभावना जताई जा रही है।
सोमवार को नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव सह मेट्रो एमडी संदीप कुमार आर. पुडकलकट्टी की अध्यक्षता में हाई-लेवल समीक्षा बैठक हुई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि गुणवत्ता से कोई समझौता किए बिना तय समयसीमा में सभी कार्य पूरे किए जाएं। मलाही पकड़ी और खेमनीचक स्टेशनों के बीच बिजली आपूर्ति, सिग्नलिंग और फायर सेफ्टी से जुड़े सभी कार्य सफलतापूर्वक पूरे कर लिए गए हैं।
CMRS निरीक्षण के बाद शुरू होगी सेवा
अब केवल ‘सुरक्षा आयुक्त जांच’ (CMRS Inspection) की औपचारिकता शेष है। यह निरीक्षण मेट्रो संचालन से पहले सुरक्षा मानकों की अंतिम पुष्टि के लिए किया जाता है। जैसे ही सुरक्षा आयुक्त की मंजूरी मिलेगी, मार्च के पहले सप्ताह से आम यात्रियों के लिए मेट्रो सेवा शुरू करने की तैयारी है। इससे पूर्वी पटना के हजारों लोगों को तेज, सुरक्षित और जाम-मुक्त यात्रा का विकल्प मिलेगा।
ट्रायल रन के दौरान ट्रेन की गति, ब्रेकिंग सिस्टम, सिग्नलिंग और आपातकालीन प्रबंधन प्रणाली की सफलतापूर्वक जांच की जा चुकी है। स्टेशन परिसरों में सीसीटीवी, अग्निशमन उपकरण और यात्री सूचना प्रणाली भी सक्रिय कर दी गई है।
अगले चरण की तैयारी तेज
परियोजना के अगले चरण में पटना जंक्शन क्षेत्र में सुरंग निर्माण की रफ्तार बढ़ाई जाएगी। अप्रैल में चौथी टनल बोरिंग मशीन (TBM) लाई जाएगी, जिसके बाद पटना जंक्शन से मीठापुर लाइन के बीच खुदाई कार्य शुरू होगा। राजेंद्र नगर क्षेत्र में भी अगले 20 दिनों के भीतर टनल निर्माण तेज होने की संभावना है।
सुरक्षा के मद्देनजर सख्ती
रेल यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पटना जंक्शन परिसर में अवैध प्रवेश मार्गों को बंद कर दिया गया है। दानापुर मंडल के अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान ऐसे रास्तों की पहचान की थी, जिनसे असामाजिक तत्वों के प्रवेश की आशंका थी। क्लॉक रूम के पास का प्रवेश द्वार तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया है, जबकि गेट संख्या 4 सहित अन्य अनधिकृत रास्तों पर भी रोक लगा दी गई है।
शहरी ढांचे में बड़ा बदलाव
पटना मेट्रो परियोजना को राजधानी के शहरी ढांचे में बड़ा बदलाव लाने वाला कदम माना जा रहा है। लगातार बढ़ते ट्रैफिक दबाव और जाम की समस्या से निजात दिलाने में यह सेवा अहम भूमिका निभाएगी। मलाही पकड़ी, खेमनीचक और आसपास के घनी आबादी वाले इलाकों के लोगों के लिए यह बड़ी राहत साबित हो सकती है।
अब सबकी नजरें 28 फरवरी पर टिकी हैं, जब अंतिम सुरक्षा मंजूरी के साथ पटना मेट्रो अपने सफर की औपचारिक शुरुआत कर सकती है।


