पटना NEET छात्रा मौत मामला: CBI की हॉस्टल में जांच; गार्ड और वार्डन से बंद कमरे में घंटों पूछताछ

पटना | 24 फरवरी, 2026: पटना के चित्रगुप्त नगर स्थित गर्ल्स हॉस्टल में हुई नीट छात्रा की संदिग्ध मौत की गुत्थी सुलझाने के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। सोमवार को सीबीआई की एक विशेष टीम हॉस्टल पहुँची और मामले की तह तक जाने के लिए साक्ष्यों का नए सिरे से बारीकी से मुआयना किया।

दो घंटे की गहन जांच: छात्रा के कमरे में तलाशे सुराग

​सीबीआई की टीम ने हॉस्टल परिसर में लगभग दो घंटे का समय बिताया और घटनास्थल से जुड़े हर छोटे-बड़े पहलू का विश्लेषण किया।

  • विस्तृत मुआयना: टीम ने उस कमरे का गहन निरीक्षण किया जहाँ छात्रा रहती थी।
  • परिस्थितियों का आकलन: अधिकारियों ने कमरे की स्थिति, सामान की व्यवस्था और आसपास के कमरों का भी जायजा लिया ताकि घटना के समय की वास्तविक परिस्थितियों को समझा जा सके।
  • भौतिक साक्ष्य: घटनास्थल से जुड़े भौतिक साक्ष्यों को फिर से परखा गया。

गार्ड अमरेंद्र से पूछताछ: उस दिन क्या हुआ था?

​जांच टीम ने हॉस्टल की संचालिका नीलम अग्रवाल और वार्डन से लंबी पूछताछ की, लेकिन सबसे अहम सवाल हॉस्टल के गार्ड अमरेंद्र से किए गए。

  1. मुख्य गवाह: अमरेंद्र वही व्यक्ति है जिसने छात्रा के बेहोश होने के बाद उसे कमरे से नीचे उतारा था。
  2. सवालों का घेरा: सीबीआई ने अमरेंद्र से उस दिन की पूरी टाइमलाइन, हॉस्टल में मौजूद अन्य लोगों की गतिविधियों और छात्रा की स्थिति के बारे में विस्तार से जानकारी जुटाई。

जहानाबाद से पटना तक जांच का जाल

​सीबीआई इस मामले में कोई भी कसर नहीं छोड़ना चाहती है। अब तक की जांच में कई कड़ियां जोड़ी जा चुकी हैं:

  • परिजनों से पूछताछ: टीम अब तक तीन बार छात्रा के जहानाबाद स्थित घर जा चुकी है, जहाँ छात्रा के मामा, भाई और मामी के बयान दर्ज किए जा चुके हैं。
  • एजेंसियों का समन्वय: सीबीआई ने बिहार पुलिस, एसआइटी (SIT) और सीआइडी (CID) से प्राप्त डिजिटल साक्ष्य और पूर्व की जांच रिपोर्ट भी अपने कब्जे में ले ली है。
  • पुलिसकर्मियों से सवाल: मामले से जुड़े उन पुलिसकर्मियों से भी पूछताछ की गई है जिन्होंने शुरुआत में इस केस को हैंडल किया था。

द वॉयस ऑफ बिहार की रिपोर्ट: हॉस्टल में सीबीआई की इस दस्तक ने मामले में नए मोड़ की संभावना बढ़ा दी है। क्या यह मामला केवल एक दुःखद घटना है या इसके पीछे कोई गहरी साजिश? इसका जवाब सीबीआई की अंतिम रिपोर्ट में ही मिलेगा।

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