
कांग्रेस सांसद Rahul Gandhi शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर स्थित MP-MLA कोर्ट में पेश हुए। यह मामला केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah से जुड़े एक कथित बयान को लेकर दायर मानहानि याचिका से संबंधित है। कोर्ट में राहुल गांधी ने अपना पक्ष दर्ज कराते हुए कहा कि उन्होंने अपने बयान में कोई भी आपत्तिजनक या गैरकानूनी शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया था।
‘राजनीतिक आलोचना को आपराधिक मामला न बनाया जाए’
सुनवाई के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। कोर्ट परिसर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात रहा। राहुल गांधी के समर्थन में कांग्रेस कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में मौजूद थे।
राहुल गांधी के वकीलों ने अदालत में दलील दी कि उनका बयान राजनीतिक आलोचना के दायरे में आता है और इसे आपराधिक मानहानि का मामला नहीं बनाया जाना चाहिए। बचाव पक्ष ने कहा कि लोकतंत्र में सवाल उठाना और राजनीतिक टिप्पणी करना जनप्रतिनिधि का अधिकार है।
वहीं सरकारी पक्ष ने अदालत से कहा कि बयान के कानूनी पहलुओं पर विचार कर उचित निर्णय लिया जाए।
पहले भी पेश हो चुके हैं राहुल गांधी
जानकारी के अनुसार, कर्नाटक में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिए गए बयान को लेकर बीजेपी नेता विजय मिश्र ने मानहानि की याचिका दायर की थी। इससे पहले 26 जुलाई 2024 को भी राहुल गांधी इस मामले में कोर्ट में पेश हुए थे, हालांकि कुछ निर्धारित तारीखों पर उनकी अनुपस्थिति रही।
19 जनवरी को पेश न होने पर अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए 20 फरवरी तक अनिवार्य रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया था। इसी के तहत शुक्रवार को राहुल गांधी अदालत में पेश हुए।
अगली सुनवाई 9 मार्च को
अदालत ने उनका बयान दर्ज करने के बाद मामले की अगली सुनवाई 9 मार्च तय की है।
कांग्रेस का कहना है कि यह मामला विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास है, जबकि बीजेपी इसे पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा बता रही है। अब सभी की निगाहें अदालत के अगले आदेश पर टिकी हैं।


