बगहा से प्रशांत किशोर की ‘बिहार नवनिर्माण यात्रा’ शुरू, महिलाओं को 2 लाख और जमीन के मुद्दे पर सरकार को घेरा

जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने रविवार को बगहा से ‘बिहार नवनिर्माण यात्रा’ की औपचारिक शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि जन सुराज का लक्ष्य बिहार में एक मजबूत, ईमानदार और जवाबदेह राजनीतिक विकल्प तैयार करना है और इसके लिए संगठन लगातार जमीनी स्तर पर काम कर रहा है।

यात्रा का उद्देश्य

प्रशांत किशोर के मुताबिक, विधानसभा चुनाव के बाद भी जन सुराज जनता के बीच सक्रिय है। ‘बिहार नवनिर्माण यात्रा’ के जरिए हर जिले में संगठन को मजबूत करने, पुराने साथियों से मिलने और नए लोगों को जोड़ने का अभियान चलाया जा रहा है। उनका कहना है कि इस यात्रा का मुख्य फोकस संगठन के पुनर्गठन और जमीनी ढांचे को सशक्त बनाने पर है, ताकि आगे की रणनीति स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर तय की जा सके।

प्रमुख मुद्दे

यात्रा के दौरान प्रशांत किशोर ने कई सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों को उठाया।

  • महिलाओं को चुनाव से पहले दी गई 10-10 हजार रुपये की सहायता को लेकर उन्होंने कहा कि अब सरकार को उन्हें 2-2 लाख रुपये देने चाहिए, अन्यथा आंदोलन तेज किया जाएगा।
  • दलित और अति पिछड़ा समाज को 3 डिसमिल जमीन दिलाने की मांग को भी उन्होंने प्रमुख एजेंडा बताया।

उनका आरोप है कि चुनाव के दौरान की गई आर्थिक घोषणाएं यदि पूरी नहीं हुईं तो यह केवल चुनावी लाभ के लिए किया गया वादा साबित होगा।

“हमने मुद्दे उठाए, सरकार ने कार्रवाई की”

प्रशांत किशोर ने दावा किया कि उनकी पार्टी द्वारा उठाए गए कई मुद्दों पर सरकार को कदम उठाने पड़े। उन्होंने कहा कि जन सुराज घर-घर जाकर यह सुनिश्चित करेगा कि महिलाओं से जुड़े वादे पूरे हों। अगर छह महीने में प्रगति नहीं दिखी तो पार्टी जनता के साथ मिलकर फिर आंदोलन करेगी।

चुनाव परिणाम पर प्रतिक्रिया

2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में जन सुराज ने लगभग सभी सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन पार्टी को अपेक्षित सफलता नहीं मिली और अधिकांश सीटों पर जमानत जब्त हो गई। इसके बावजूद प्रशांत किशोर का कहना है कि “चुनाव हारने का मतलब हौसला हारना नहीं है” और जनता ने उन्हें समाज के बीच काम करने का संदेश दिया है।

नीट छात्रा हत्याकांड पर बयान

पटना में नीट छात्रा हत्याकांड को लेकर भी उन्होंने सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उनका दावा है कि उनकी पार्टी ने सबसे पहले यह मुद्दा उठाया, जिसके बाद प्रशासनिक स्तर पर निलंबन और एसआईटी जांच जैसी कार्रवाइयां हुईं। उन्होंने कहा कि यदि पीड़िता को न्याय नहीं मिला तो जन सुराज आंदोलन जारी रखेगा।

कुल मिलाकर ‘बिहार नवनिर्माण यात्रा’ को जन सुराज संगठन विस्तार, जनसंपर्क और राजनीतिक मजबूती की दिशा में एक लंबी रणनीतिक पहल के रूप में देखा जा रहा है, जिसका उद्देश्य आगामी समय में खुद को एक वैकल्पिक राजनीतिक शक्ति के रूप में स्थापित करना है।

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