आम लोग मोबाइल से भी दे सकेंगे सुझाव, राज्य वित्त आयोग का डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च
पटना, 02 फरवरी।अब बिहार में वित्तीय नीतियां सिर्फ सरकारी फाइलों तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि आम लोगों की राय भी सीधे फैसलों तक पहुंचेगी। इसके लिए सप्तम राज्य वित्त आयोग ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट – 7thsfc.bihar.gov.in लॉन्च कर दी है। सोमवार को गर्दनीबाग स्थित वित्त विभाग के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में आयोग के अध्यक्ष अशोक कुमार चौधरी (सेवानिवृत्त IAS), सदस्य अनिल कुमार (सेवानिवृत्त BIPSE) और पटना विश्वविद्यालय की पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. कुमुदिनी सिन्हा ने संयुक्त रूप से इसका लोकार्पण किया।
अब हर नागरिक दे सकेगा सुझाव
आयोग के अध्यक्ष अशोक कुमार चौधरी ने बताया कि केंद्र सरकार से राज्य को मिलने वाली राशि और नगर निकायों व पंचायतों को सीधे मिलने वाले फंड के सही उपयोग के लिए राज्य वित्त आयोग महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
नई वेबसाइट के जरिए बिहार का कोई भी नागरिक—चाहे गांव में हो या शहर में—मोबाइल या कंप्यूटर से अपने सुझाव, शिकायत और आंकड़े सीधे आयोग तक भेज सकता है।
क्यों खास है यह वेबसाइट?
इस डिजिटल प्लेटफॉर्म पर—
- आयोग का कार्यादेश और संवैधानिक दायित्व
- संगठनात्मक ढांचा
- गतिविधियों की अद्यतन जानकारी
- पंचायत और नगर निकायों से जुड़ा वित्तीय डेटा
उपलब्ध रहेगा। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और नीतियों में आमजन की भागीदारी सुनिश्चित होगी।
‘फील्ड की जरूरतें सीधे आयोग तक’
आयोग के सदस्य अनिल कुमार ने कहा कि वेबसाइट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अब हितधारक अपने सुझाव और ज़मीनी समस्याएं ऑनलाइन साझा कर सकेंगे।
उन्होंने बताया कि गांव-शहर में जो वास्तविक जरूरतें हैं, उन पर मिले सुझावों को आयोग अपनी रिपोर्ट में शामिल करेगा। इससे संसाधनों के बेहतर वितरण और स्थानीय स्वशासन संस्थाओं को सशक्त करने में मदद मिलेगी।
संवाद का नया मंच
यह वेबसाइट पंचायत, नगर निकाय, सरकारी विभाग, शिक्षण संस्थान, शोधकर्ता और आम नागरिकों के लिए एक संवाद मंच के रूप में काम करेगी। आयोग से जुड़ी हर नई जानकारी अब एक क्लिक पर मिलेगी।
अब बिहार में बजट और संसाधनों से जुड़े फैसलों में आम जनता की आवाज भी शामिल होगी—और यही इस डिजिटल पहल की सबसे बड़ी उपलब्धि है।


