- मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना से युवाओं को मिला प्रशासनिक अनुभव, 11 प्रशिक्षुओं ने दिया योगदान
- शैक्षणिक योग्यता के आधार पर युवाओं को प्रतिमाह 4 से 6 हजार रुपये का स्टाइपेंड
पटना, 2 फरवरी।मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना के तहत राज्य के युवाओं को अब सिर्फ डिग्री ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक कामकाज का व्यावहारिक अनुभव भी मिल रहा है। इसी क्रम में श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग में चयनित 11 प्रशिक्षुओं ने सोमवार को अपना योगदान दे दिया।
विभाग द्वारा नियोजक की भूमिका में पोर्टल पर प्रकाशित 6 इंटर्नशिप कार्यक्रमों के लिए कुल 17 रिक्तियों के विरुद्ध आवेदन आमंत्रित किए गए थे। इनमें से चयनित अभ्यर्थियों में 11 प्रशिक्षुओं ने ज्वाइनिंग कर दी है।
किस पद पर हुए चयन
योगदान देने वाले प्रशिक्षुओं में—
- सोशल मीडिया एसोसिएट – 2
- लीगल एंड पॉलिसी एसोसिएट – 3
- लेबर वेलफेयर एसोसिएट – 3
- फाइनेंस एंड एकाउंट्स एसोसिएट – 3
शामिल हैं।
श्रमायुक्त का संदेश
इस मौके पर बिहार के श्रमायुक्त राजेश भारती ने कहा कि मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना युवाओं को व्यवहारिक अनुभव देने की दिशा में सरकार का एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी कदम है। यह योजना युवाओं को उनकी शैक्षणिक योग्यता के अनुरूप अवसर प्रदान कर रही है और उन्हें राज्य की प्रशासनिक प्रणाली से सीधे जोड़ रही है। उन्होंने चयनित प्रशिक्षुओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
कितना मिलेगा स्टाइपेंड
सीएम-प्रतिज्ञा योजना के तहत इंटर्नशिप करने वाले युवाओं को शैक्षणिक योग्यता के अनुसार—
- 12वीं पास: ₹4,000 प्रति माह
- आईटीआई/डिप्लोमा: ₹5,000 प्रति माह
- स्नातक/स्नातकोत्तर: ₹6,000 प्रति माह
इसके अलावा,
- गृह जिले से बाहर (बिहार के भीतर) इंटर्नशिप पर पहले 3 महीने तक ₹2,000 प्रति माह अतिरिक्त,
- बिहार से बाहर इंटर्नशिप पर पूरी अवधि के लिए ₹5,000 प्रति माह अतिरिक्त भत्ता दिया जाता है।
युवाओं के लिए नया मंच
मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना आज युवाओं के लिए रोजगार की ओर पहला मजबूत कदम बन रही है। यह योजना न सिर्फ उन्हें आर्थिक सहायता देती है, बल्कि प्रशासनिक अनुभव, आत्मविश्वास और करियर की नई राह भी खोलती है।


