नई दिल्ली। अमेरिका द्वारा भारतीय उत्पादों पर बढ़ाए गए टैरिफ के बीच भारत सरकार ने बजट 2026-27 में कस्टम ड्यूटी को लेकर कई अहम फैसले लिए हैं। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को घोषणा की कि व्यक्तिगत इस्तेमाल के लिए आयात किए जाने वाले सभी ड्यूटी योग्य सामानों पर टैरिफ दर 20 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत कर दी जाएगी। इस कदम को उपभोक्ताओं को राहत देने और व्यापार को आसान बनाने की दिशा में बड़ा फैसला माना जा रहा है।
सी-फूड इंडस्ट्री को मिलेगी बड़ी राहत
अमेरिकी टैरिफ से सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में से एक सी-फूड एक्सपोर्ट इंडस्ट्री को सहारा देने के लिए सरकार ने विशेष प्रावधान किए हैं।
वित्त मंत्री ने प्रस्ताव रखा कि—
- एक्सपोर्ट के लिए सी-फूड प्रोसेसिंग में इस्तेमाल होने वाले खास इनपुट के ड्यूटी-फ्री इम्पोर्ट की सीमा
- पिछले साल के एक्सपोर्ट टर्नओवर की FOB वैल्यू के 1% से बढ़ाकर 3% की जाएगी।
सीतारमण ने कहा,
“मैं सीफूड प्रोसेसिंग में इस्तेमाल होने वाले खास इनपुट के ड्यूटी-फ्री आयात की सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव करती हूं. साथ ही जो सुविधा अभी लेदर और सिंथेटिक फुटवियर एक्सपोर्ट के लिए उपलब्ध है, वही सुविधा शू अपर के निर्यात के लिए भी दी जाएगी.”
रक्षा और एविएशन सेक्टर को टैक्स छूट
रक्षा क्षेत्र को मजबूती देने के लिए—
- एयरक्राफ्ट के मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल (MRO) में इस्तेमाल होने वाले पार्ट्स के निर्माण हेतु
- आयात किए जाने वाले कच्चे माल पर बेसिक कस्टम ड्यूटी से छूट देने का ऐलान किया गया है।
इससे भारत में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग और MRO हब विकसित करने में मदद मिलेगी।
लिथियम-आयन बैटरी और ग्रीन एनर्जी पर फोकस
सरकार ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए—
- लिथियम-आयन सेल और बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कैपिटल गुड्स पर
- बेसिक कस्टम ड्यूटी में छूट देने का प्रस्ताव रखा है।
इसके अलावा—
- सोलर ग्लास निर्माण में इस्तेमाल होने वाले सोडियम एंटीमोनेट के आयात पर भी ड्यूटी माफ की जाएगी।
- भारत में क्रिटिकल मिनरल्स प्रोसेसिंग के लिए जरूरी मशीनरी के आयात पर भी छूट दी जाएगी।
न्यूक्लियर प्रोजेक्ट्स को 2035 तक राहत
वित्त मंत्री ने घोषणा की कि—
- न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट्स के लिए जरूरी उपकरणों के आयात पर
- बेसिक कस्टम ड्यूटी में छूट को 2035 तक बढ़ाया जाएगा,
- यह छूट सभी न्यूक्लियर प्लांट्स पर लागू होगी, चाहे उनकी क्षमता कुछ भी हो।
क्या यह अमेरिका के टैरिफ का जवाब है?
ये फैसले ऐसे समय आए हैं जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय उत्पादों पर 50 प्रतिशत तक टैरिफ लगाया है, जिससे टेक्सटाइल, सी-फूड और अन्य निर्यात प्रभावित हुए हैं।
सरकार का यह कदम—
- निर्यात को प्रतिस्पर्धी बनाने
- घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने
- और अमेरिकी टैरिफ के असर को कम करने
की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
रेयर अर्थ कॉरिडोर का भी ऐलान
इसके साथ ही वित्त मंत्री ने—
- ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे खनिज समृद्ध राज्यों में
- डेडिकेटेड रेयर अर्थ कॉरिडोर विकसित करने में केंद्र की मदद का प्रस्ताव रखा है।


