पैतृक गांव पहुंचे पंकज त्रिपाठी, ग्रामीणों संग फगुआ गाकर मनाया बसंत

मां की बरसी पर पहुंचे बेलसंड, कहा– इस मिट्टी से मेरा रिश्ता हमेशा रहेगा

गोपालगंज। बॉलीवुड के चर्चित अभिनेता और गोपालगंज जिले के बेलसंड गांव के लाल पंकज त्रिपाठी इन दिनों अपने पैतृक गांव में समय बिता रहे हैं। वे अपनी मां की बरसी पर आयोजित पूजा कार्यक्रम में शामिल होने गांव पहुंचे थे और पिछले तीन दिनों से परिवार और ग्रामीणों के बीच रहकर गांव के माहौल का आनंद ले रहे हैं।

पूजा कार्यक्रम के बाद पंकज त्रिपाठी गांव की गलियों, खेतों और पुराने साथियों के बीच नजर आए। बसंत ऋतु के आगमन के साथ सरसों के पीले फूलों और हल्की ठंड के बीच का ग्रामीण माहौल उन्हें बेहद भाया। ग्रामीणों के अनुसार, उन्होंने बिल्कुल सामान्य गांववाले की तरह सभी से मुलाकात की और बचपन की यादें साझा कीं।

देर रात तक चला फगुआ गायन
गांव में आयोजित पारंपरिक फगुआ गायन कार्यक्रम में भी पंकज त्रिपाठी ग्रामीणों के साथ शामिल हुए। ढोलक और मंजीरे की थाप पर देर रात तक फगुआ गीत गूंजते रहे। वर्षों बाद अपने बीच अभिनेता को फगुआ गाते देख ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिला।

लोक संस्कृति को सहेजने की अपील
पंकज त्रिपाठी ने कहा कि यह यात्रा उनके लिए बेहद भावुक और आनंददायक रही। उन्होंने कहा कि इस मिट्टी और यहां के लोगों से उनका गहरा जुड़ाव है। माता-पिता की स्मृतियां उन्हें बार-बार गांव खींच लाती हैं।

उन्होंने चिंता जताई कि फगुआ जैसे लोकगीत और पारंपरिक सांस्कृतिक कार्यक्रम धीरे-धीरे खत्म होते जा रहे हैं, इसलिए नई पीढ़ी को इन्हें सीखकर आगे बढ़ाना चाहिए, ताकि लोक संस्कृति जीवित रह सके।

पंकज त्रिपाठी ने कहा, “मैं जमीन से निकला हूं और यह जमीन हमेशा मेरे भीतर रहेगी।” उन्होंने जी मीडिया के माध्यम से बिहारवासियों को प्रणाम करते हुए सभी को बसंत ऋतु की शुभकामनाएं दीं।

अपने बीच अभिनेता को देखकर गांव में उत्सव जैसा माहौल बन गया।

  • Related Posts

    फॉर्मर आईडी पर सदन में गरमाया मामला, मंत्री बोले—किसी किसान का लाभ नहीं रुका

    Share Add as a preferred…

    Continue reading
    विधान परिषद में उठा बंद फैक्ट्रियों का मुद्दा, उद्योग मंत्री का बड़ा दावा—अगले सत्र से पहले लगेंगे 1000 उद्योग

    Share Add as a preferred…

    Continue reading