यूजीसी नियमों में बदलाव पर विरोध तेज, छात्रों के बाद कवि कुमार विश्वास भी उतरे मैदान में

यूजीसी (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) के नए नियमों को लेकर देशभर में विरोध तेज होता जा रहा है। छात्र सड़कों पर उतर आए हैं और सोशल मीडिया पर भी इन नियमों के खिलाफ लगातार आवाज उठाई जा रही है। मंगलवार को दिल्ली स्थित यूजीसी मुख्यालय पर छात्रों ने प्रदर्शन किया। इस बीच विवाद में अब कवि कुमार विश्वास की भी एंट्री हो गई है।

कुमार विश्वास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर यूजीसी के नए नियमों का विरोध किया। उन्होंने स्वर्गीय कवि रमेश रंजन की कविता की कुछ पंक्तियां साझा करते हुए लिखा—
“चाहे तिल लो या ताड़ लो राजा,
राई लो या पहाड़ लो राजा,
मैं अभागा ‘सवर्ण’ हूं मेरा,
रौंया-रौंया उखाड़ लो राजा।”

इस पोस्ट के साथ उन्होंने #UGC_RollBack हैशटैग का भी इस्तेमाल किया।

13 जनवरी से लागू हुए हैं यूजीसी रूल्स 2026

गौरतलब है कि यूजीसी ने 13 जनवरी को देशभर के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में यूजीसी रूल्स 2026 लागू किए हैं। नए नियमों के तहत Equity Committees, Equity Squads, 24×7 हेल्पलाइन और सख्त निगरानी व्यवस्था का प्रावधान किया गया है। ये व्यवस्थाएं विशेष रूप से एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के छात्र-छात्राओं के लिए बनाई गई हैं।

सामान्य वर्ग में नाराजगी

नए नियमों को लेकर सामान्य वर्ग में भारी नाराजगी देखी जा रही है। विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि ये नियम एकतरफा हैं और इससे भेदभाव को बढ़ावा मिलेगा। इसी वजह से उत्तर प्रदेश, दिल्ली समेत कई राज्यों में प्रदर्शन शुरू हो गए हैं।

विरोध इतना बढ़ गया कि बीजेपी के कुछ नेताओं के बाद बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने भी इस्तीफा दे दिया, जिससे मामला और अधिक चर्चा में आ गया।

सोशल मीडिया से सड़कों तक विरोध

यूजीसी नियमों के खिलाफ विरोध अब सड़कों से लेकर सोशल मीडिया तक फैल चुका है। छात्र संगठन, सामान्य वर्ग के अभ्यर्थी और कई सार्वजनिक हस्तियां इन नियमों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं। कुमार विश्वास के बयान के बाद यह मुद्दा और अधिक राजनीतिक व सामाजिक बहस का विषय बन गया है।


 

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