पटना में NEET छात्रा की संदिग्ध मौत पर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी का बयान, बोले– दोषियों को नहीं बख्शा जाएगा

पटना में जहानाबाद की एक NEET छात्रा की गर्ल्स हॉस्टल में संदिग्ध मौत को लेकर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार इस मामले में पूरी गंभीरता के साथ कार्रवाई कर रही है और SIT का गठन किया जा चुका है। दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

बिहार सरकार कर रही हर जरूरी कार्रवाई

जीतन राम मांझी ने कहा कि SIT लगातार जांच में जुटी हुई है और सभी जरूरी साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून के दायरे में रहकर हर संभव कदम उठाया जा रहा है। जरूरत पड़ने पर इस मामले में केंद्रीय गृह मंत्रालय से भी बातचीत की जाएगी।

उन्होंने कहा,
“बिहार सरकार सभी जरूरी कार्रवाई कर रही है और SIT का गठन किया गया है। CBI ने भी केस अपने हाथ में ले लिया है। जिसने भी यह अपराध किया है, वह सजा से नहीं बच पाएगा। अगर केस में कोई दिक्कत आती है तो भारत सरकार के गृह मंत्रालय से बात की जाएगी। ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए भी कदम उठाए जाएंगे।”

क्या है पूरा मामला

पटना के चित्रगुप्त नगर थाना क्षेत्र स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में NEET की तैयारी कर रही छात्रा बीते रविवार देर शाम अपने कमरे में बेहोशी की हालत में मिली थी। हॉस्टल स्टाफ ने उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पूरे बिहार में सनसनी फैल गई।

परिजनों के गंभीर आरोप

परिजनों ने छात्रा के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि घटना की जानकारी देने में देरी की गई और जब वे पटना पहुंचे तो हॉस्टल प्रबंधन की ओर से अलग-अलग कहानियां बताई गईं। पिता का आरोप है कि सच्चाई छिपाने के लिए CCTV फुटेज हटाए गए और कमरे में नींद की दवा रखकर मामले को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई।

परिजनों का यह भी आरोप है कि हॉस्टल संचालक ने मामले को रफा-दफा करने के लिए पैसे का ऑफर दिया। अस्पताल में भर्ती के समय छात्रा की हालत बेहद गंभीर थी। एक जूनियर डॉक्टर ने शरीर पर चोट और हेड इंजरी देखकर अनहोनी की आशंका जताई थी।

SIT जांच, IG के नेतृत्व में कार्रवाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने SIT का गठन किया है। जांच का नेतृत्व पटना जोनल आईजी जितेंद्र राणा कर रहे हैं। आईजी स्वयं घटनास्थल का निरीक्षण कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि SIT सभी बिंदुओं पर गंभीरता से जांच कर रही है और किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

मेडिकल और तकनीकी साक्ष्य

पुलिस के अनुसार 8 जनवरी को आई छात्रा की यूरिन रिपोर्ट में नींद की दवा के ओवरडोज के संकेत मिले हैं। साथ ही मोबाइल फोन की सर्च हिस्ट्री में 24 दिसंबर और 5 जनवरी को नींद की दवा और आत्महत्या से जुड़े सर्च पाए गए हैं। पुलिस का कहना है कि ये जांच के केवल एक पहलू हैं और अंतिम निष्कर्ष निकालना अभी जल्दबाजी होगी।

चोट के निशान भी जांच के दायरे में

ASP सदर अभिनव कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यौन शोषण की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इसे पूरी तरह नकारा भी नहीं जा सकता। छात्रा के कंधे और शरीर के अन्य हिस्सों पर खरोंच और चोट के निशान पाए गए हैं। मेडिकल बोर्ड के गठन के बाद वीडियोग्राफी के साथ पोस्टमार्टम कराया गया है और अंतिम रिपोर्ट का इंतजार है।

प्रदर्शन और तनाव

13 जनवरी को परिजन शव लेकर कारगिल चौक पहुंचे और प्रदर्शन शुरू कर दिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कई थानों की पुलिस तैनात करनी पड़ी और हल्का बल प्रयोग भी किया गया।

हॉस्टल मालिक गिरफ्तार

पटना पुलिस ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि दुष्कर्म की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। मामले की गंभीरता को देखते हुए शंभू गर्ल्स हॉस्टल के भवन मालिक मनीष कुमार रंजन को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है। आगे की कार्रवाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।

सियासत और सोशल मीडिया पर बहस

मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज है और सोशल मीडिया पर पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं। वहीं सरकार और पुलिस प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की जा रही है।

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