बिहार में अतिक्रमण हटाओ अभियान पर बढ़ा आक्रोश, मांझी समाज का जोरदार विरोध

बिहार में अतिक्रमण हटाओ अभियान के खिलाफ लोगों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। रविवार को दानापुर नहर क्षेत्र में वर्षों से बसे मांझी समाज के लोगों के घरों पर बुलडोजर चलाया गया, जिसके बाद हालात तनावपूर्ण हो गए। कार्रवाई के विरोध में महिलाएं और पुरुष पटना की सड़कों पर उतर आए और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

बुलडोजर एक्शन के खिलाफ सड़क पर उतरे लोग

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे बेली रोड नहर किनारे 50–60 वर्षों से घर बनाकर रह रहे थे, लेकिन प्रशासन ने बिना किसी पूर्व सूचना और वैकल्पिक व्यवस्था के उनके आशियाने तोड़ दिए। लोगों का आरोप है कि सरकार ने गरीबों को बेघर कर दिया है और अब उनके सामने रहने का संकट खड़ा हो गया है।

“हम लोग सालों से यहां रह रहे थे। बिना बताए हमारे घर तोड़ दिए गए। ठंड में छोटे-छोटे बच्चों को लेकर कहां जाएं? सरकार को गरीबों के बारे में सोचना चाहिए।”
— सुजाता देवी, प्रदर्शनकारी

मंत्री की गाड़ी रोकी, लगे नारे

विरोध प्रदर्शन के दौरान मांझी समाज की महिलाओं और पुरुषों ने नीतीश सरकार के मंत्री और इसी समाज से आने वाले संतोष कुमार सुमन की गाड़ी को रोक दिया। मंत्री के सामने ही लोगों ने नाराजगी जाहिर करते हुए नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि न तो मुख्यमंत्री उनकी बात सुन रहे हैं और न ही उनके समाज से आने वाले मंत्री कोई मदद कर रहे हैं।

“हमारा घर नहीं टूटे, इसकी व्यवस्था की जाए। सरकार हमारे साथ अन्याय कर रही है। हमारे समाज के नेता चुप क्यों हैं?”
— मालती देवी, प्रदर्शनकारी

मंत्री ने झाड़ा पल्ला

भीड़ से घिरे मंत्री संतोष सुमन ने कहा कि उन्हें मामले की पूरी जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि बिना तथ्यों को जाने वह कोई टिप्पणी नहीं कर सकते। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सरकार गरीबों के साथ अन्याय नहीं होने देगी।

“मुझे इस मामले की पूरी जानकारी नहीं है। कोर्ट का आदेश है कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था के बसे हुए घर नहीं तोड़े जा सकते। मामला देखकर ही आगे कुछ कहा जा सकता है।”
— संतोष सुमन, मंत्री सह अध्यक्ष, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा

प्रशासन ने संभाली स्थिति

काफी देर तक चले हंगामे के बाद स्थानीय प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को समझा-बुझाकर स्थिति को नियंत्रित किया और मंत्री को सुरक्षित भीड़ से बाहर निकाला। बताया जा रहा है कि मंत्री किसी कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे, इसी दौरान प्रदर्शनकारियों ने उनकी गाड़ी को घेर लिया।

सरकार पर उठे सवाल

इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर बिहार में अतिक्रमण हटाओ अभियान और गरीबों के पुनर्वास को लेकर सरकार की नीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन और सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है और प्रभावित परिवारों को कोई राहत मिलती है या नहीं।

  • Related Posts

    ​भागलपुर में मैट्रिक परीक्षा: जूता-मोजा पहनकर आने पर ‘नो एंट्री’; 17 फरवरी से 61 केंद्रों पर होगी परीक्षा, DM ने जारी की सख्त गाइडलाइन

    Share Add as a preferred…

    Continue reading