विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार को पीछे छोड़ते हुए राष्ट्रीय जनता दल अब नए सिरे से मैदान में उतरने की तैयारी कर रहा है। पार्टी ने साफ संकेत दिया है कि अब वह जनता के बीच जाएगी और जनहित के मुद्दों पर सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगी।
इसी रणनीति के तहत नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव फरवरी माह से बिहार यात्रा पर निकलेंगे। इस यात्रा के जरिए संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ आम लोगों से सीधा संवाद स्थापित किया जाएगा। पार्टी नेताओं को जनता के सुख-दुख में भागीदारी निभाने का निर्देश भी दिया गया है।
तेजस्वी ने की मैराथन बैठक
चुनाव के बाद पहली बार तेजस्वी यादव ने शनिवार को एक पोलो रोड स्थित अपने सरकारी आवास पर विधायकों, चुनाव लड़ चुके प्रत्याशियों और पार्टी के 77 वरिष्ठ नेताओं के साथ घंटों मंथन किया। बैठक में संगठन की कमजोरियों पर खुलकर चर्चा हुई और उन्हें दूर करने की रणनीति बनाई गई।
तेजस्वी ने कहा कि राजद का जनाधार मजबूत है, लेकिन जहां भी चूक हुई है, वहां सुधार जरूरी है। उन्होंने सभी नेताओं से धैर्य बनाए रखने और आने वाली राजनीतिक चुनौतियों के लिए तैयार रहने का आह्वान किया।
सरकार को घेरने की रणनीति
बैठक में निर्णय लिया गया कि आपराधिक घटनाओं, बेरोजगारी, महंगाई, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर सरकार को लगातार घेरा जाएगा। प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने कहा कि राजद अब केवल प्रतिक्रिया की राजनीति नहीं करेगा, बल्कि संगठन विस्तार और जनसंपर्क को प्राथमिक एजेंडा बनाएगा।
मुख्यमंत्री की यात्राओं पर सवाल उठाते हुए नेताओं ने कहा कि सरकार की यात्राएं औपचारिकता बनकर रह गई हैं और जनता के वास्तविक मुद्दे अनसुने हैं।
पूर्व मंत्री आलोक मेहता ने कहा कि राजद का हर कार्यकर्ता सड़क पर उतरकर सरकार की नीतियों का विरोध करेगा, वहीं प्रधान महासचिव रणविजय साहू ने तंज कसते हुए कहा कि फिलहाल पूरा बिहार “राम भरोसे” चल रहा है।
25 जनवरी को होगी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक
राजद की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की अहम बैठक 25 जनवरी को बुलाई गई है। सूत्रों के मुताबिक इसमें बड़े संगठनात्मक फैसले लिए जा सकते हैं। पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद के अस्वस्थ रहने के चलते तेजस्वी यादव को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने की संभावना जताई जा रही है।
इसके अलावा, दल विरोधी गतिविधियों में शामिल नेताओं पर कार्रवाई और प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर पर नई जिम्मेदारियों के बंटवारे पर भी निर्णय हो सकता है।
राजद का साफ संदेश है—अब पार्टी मैदान में उतरेगी, और जनता की आवाज बनकर सरकार को हर मोर्चे पर जवाब देगी।


