सरस्वती पूजा एवं माघी काली पूजा को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। इसी क्रम में कहलगांव प्रखंड स्थित ट्रायसेम भवन में अनुमंडल स्तरीय शांति समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता अनुमंडलाधिकारी सह प्रशिक्षु आईएएस कृष्ण चंद्र गुप्ता ने की।
एसडीओ का स्पष्ट निर्देश
बैठक में एसडीओ ने कहा कि पूजा के दौरान लगाए जाने वाले सभी पंडालों के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। बिना अनुमति पंडाल लगाने पर संबंधित आयोजकों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य है कि किसी भी कीमत पर पर्व के दौरान कोई अप्रिय घटना न हो।
सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष जोर
पुलिस पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि पंडाल की मजबूती, प्रतिमा की ऊंचाई और बिजली की वायरिंग की गहन जांच की जाए। खासकर अस्थायी विद्युत कनेक्शन पर सख्त निगरानी रखने को कहा गया, ताकि आगजनी और करंट जैसी दुर्घटनाओं से बचा जा सके।
असामाजिक तत्वों पर सख्ती
प्रशासन ने असामाजिक तत्वों पर नजर रखते हुए उनके खिलाफ धारा 126 के तहत नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है। साथ ही सभी थानाध्यक्षों को डीजे संचालकों के साथ बैठक कर बंधपत्र भरवाने को कहा गया। स्पष्ट कर दिया गया है कि पूजा के दौरान किसी भी प्रकार का डीजे नहीं बजेगा।
गंगा में नौका परिचालन पर रोक
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूजा के दिन गंगा नदी में नौका परिचालन पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेगा।
थानों में भी शांति समिति की बैठकें
लोदीपुर, ढोलबज्जा, अकबरनगर और जगदीशपुर थाना परिसरों में भी शांति समिति की बैठकें आयोजित की गईं। सभी जगहों पर यह संदेश दिया गया कि सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाला कोई भी गाना नहीं बजेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कठोर कार्रवाई होगी।
प्रशासन ने पूजा समितियों और आम लोगों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और सरस्वती पूजा को शांति, अनुशासन और भाईचारे के साथ मनाएं, ताकि पर्व की गरिमा बनी रहे और सभी सुरक्षित रहें।


