वैशाली। बिहार निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (विजिलेंस) की टीम भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में विजिलेंस की टीम ने वैशाली जिले में एक राजस्व कर्मचारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार कर्मचारी की पहचान राजेश रौशन के रूप में हुई है, जो अमृतपुर, महमदपुर और भागवतपुर पंचायत में पदस्थापित था।
5 हजार रुपये लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
निगरानी के डीएसपी अखिलेश कुमार ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि राजस्व कर्मचारी को 5 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया है। यह कार्रवाई वैशाली थाना क्षेत्र के रघवापुर मंदिर के पास की गई।
दाखिल-खारिज के नाम पर मांगी जा रही थी रिश्वत
मामला महमदपुर गांव निवासी अजय कुमार सिंह के पुत्र विनय कुमार सिंह से जुड़ा है। आरोप है कि जमीन के दाखिल-खारिज और परिमार्जन के लिए राजस्व कर्मचारी लगातार 5 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा था। पीड़ित का कहना है कि बिना रिश्वत दिए काम करने से कर्मचारी ने साफ इनकार कर दिया था, जिसके चलते उसे कई दिनों तक अंचल कार्यालय के चक्कर लगाने पड़े।
24 दिसंबर को दर्ज कराई थी शिकायत
लगातार परेशान किए जाने के बाद पीड़ित विनय कुमार सिंह ने 24 दिसंबर को निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि राजस्व कर्मचारी जानबूझकर काम लटका रहा है।
जांच के बाद बिछाया गया जाल
डीएसपी अखिलेश कुमार ने बताया,
“शिकायत की सत्यता की जांच कराई गई, जिसमें आरोप सही पाए गए। इसके बाद निगरानी टीम ने पूरी योजना के तहत जाल बिछाया। जैसे ही आरोपी राजस्व कर्मचारी ने रिश्वत की रकम ली, टीम ने उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।”
आगे की कार्रवाई जारी
गिरफ्तारी के बाद निगरानी टीम आरोपी से पूछताछ कर रही है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। विजिलेंस विभाग ने साफ कहा है कि भ्रष्टाचार में लिप्त किसी भी सरकारी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।


