एक अग्निवीर, जिसे अंतिम संस्कार में नहीं मिला गार्ड ऑफ ऑनर, उसे खुद मुख्यमंत्री ने दिया बड़ा ‘ऑनर’

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान सोमवार को अग्निवीर अमृतपाल के घर पहुंचे। यहां सीएम मान ने अग्निवीर के परिवार वालों के साथ मुलाकात की और उनके साथ अपनी संवेदना साझा की। इसके साथ ही सीएम मान ने अग्निवीर अमृतपाल के परिवार को आर्थिक मदद देते हुए 1 करोड़ रुपए का चेक उन्हें दे दिया। इस दौरान सीएम मान ने केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई अग्निवीर स्कीम का विरोध भी किया। उन्होंने कहा कि वो ये मुद्दा गृह मंत्रालय के सामने जरूर उठाएंगे।

सीएम मान ने की अग्निवीर योजना की आलोचना

केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई अग्निवीर योजना का विरोध करते हुए सीएम मान ने कहा कि केंद्र की अग्निवीर योजना पूरी तरह से गलत है और ये मुद्दा हम गृह मंत्रालय के सामने भी उठाएंगे। इसके साथ ही सीएम मान ने ये भी कहा कि अग्निवीर अमृतापल को शहीद कहा जाएगा। सीएम ने कहा कि यह योजना सरासर बहादुर फ़ौजी जवानों के योगदान को अपमानित करने वाली है और केंद्र सरकार को इस योजना पर फिर से विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अग्निवीर योजना के अधीन भर्ती किए गए फ़ौजी सैनिकों को रेगुलर फ़ौज में शामिल किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देश के शहीदों के प्रति केंद्र चाहे कोई भी नीति अपनाए परन्तु हमारी सरकार पंजाब के ऐसे शूरवीर पुत्रों के परिवारों का सम्मान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

सैनिक कभी खुदखुशी नहीं करता: सीएम

सीएम मान ने अमृतापल की मौत को लेकर आत्महत्या वाले एंगल पर बात करते हुए कहा कि खुदकुशी करना कायरता का काम है और एक सैनिक कभी खुदखुशी नहीं कर सकता। उन्होंने आगे कहा कि क्या सबूत है कि अमृतापल ने आत्महत्या की है। अमृतापल को पंजाब सरकार शहीद का दर्जा दिलवाएंगी।

गार्ड ऑफ हॉनर न मिलने पर नाराज सीएम

सीएम मान ने अमृतापल को गार्ड ऑफ हॉनर न मिलने पर भी नाराजगी जताते हुए कहा कि देश में शहीदों का अपमान किया जा रहा है और ऐसा भेदभाव फौज के लिए बहुत ही घातक साबित हो सकता है। अमृतापल सिंह को लेकर फौज का बयान जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि देश का 60 प्रतिशत बजट रक्षा क्षेत्र के लिए होता है परन्तु फ़ौज द्वारा शहीद अमृतपाल सिंह की देह ले जाने के लिए एंबुलेंस तक भी मुहैया नहीं करवाई गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि शहीदों के साथ ऐसा सुलूक किया जाने लगा तो फिर माता-पिता अपने बच्चों को फ़ौज में भेजने से गुरेज़ करने लगेंगे।

  • Related Posts

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *