भागलपुर।
मायागंज अस्पताल से जुड़ी एक गंभीर घटना सामने आई है। मुंगेर जिले के जमालपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत छोटा गोविंदपुर फुल्का गांव में चूल्हे की आग से झुलसने के बाद एक महिला की हालत नाजुक बनी हुई है। कई दिनों तक मायागंज अस्पताल में इलाज चलने के बाद डॉक्टरों ने उसे उच्चस्तरीय उपचार के लिए पटना रेफर कर दिया है।
पीड़िता की पहचान रिमझिम देवी (पति—अभिषेक कुमार) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार यह हादसा मंगलवार 9 दिसंबर की सुबह करीब 7 बजे हुआ। रिमझिम देवी अपने घर में चूल्हे पर खाना बना रही थीं और ठंड से बचने के लिए आग ताप रही थीं। इसी दौरान अचानक उनके नाइटी में आग लग गई। शुरुआत में उन्हें इसकी भनक नहीं लगी, जिससे आग तेजी से फैल गई।
परिजनों ने बताया कि घटना के समय रिमझिम देवी अपने छोटे बच्चों को गोद में लिए हुए थीं। अचानक कपड़ों में आग लगने से वह घबरा गईं और जब तक आग पर काबू पाया जाता, तब तक उनके शरीर का आधा हिस्सा बुरी तरह झुलस चुका था। हादसे के बाद घर में अफरा-तफरी मच गई।
घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें इलाज के लिए मुंगेर सदर अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए मायागंज अस्पताल, भागलपुर रेफर कर दिया। मायागंज अस्पताल में 9 दिसंबर से उनका इलाज जारी रहा, लेकिन स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं होने पर शनिवार 14 दिसंबर को डॉक्टरों ने उन्हें पटना रेफर करने का निर्णय लिया।
चिकित्सकों के अनुसार, रिमझिम देवी का शरीर काफी प्रतिशत तक झुलस चुका है, जिससे संक्रमण और अन्य जटिलताओं का खतरा बना हुआ है। इसी कारण उन्हें उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधा की आवश्यकता है। फिलहाल परिजन उन्हें पटना ले जाने की तैयारी में जुटे हैं और महिला की हालत को लेकर गहरी चिंता में हैं।
घटना के बाद से गांव में शोक का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पीड़िता के इलाज में हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। वहीं, यह घटना एक बार फिर घरेलू रसोई में आग से होने वाले हादसों को लेकर सतर्कता और सावधानी बरतने की जरूरत को उजागर करती है।


