भागलपुर/नवगछिया, 14 दिसंबर 2025
नवगछिया के गोपालपुर प्रखंड अंतर्गत आदर्श मध्य विद्यालय धरहरा में एक छात्रा के साथ कथित रूप से अत्यधिक शारीरिक दंड देने का गंभीर मामला सामने आया है। छठी कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा को सहायक शिक्षक द्वारा 101 बार कान पकड़कर उठक-बैठक करने की सजा दी गई, जिसके बाद वह कक्षा में ही बेहोश होकर गिर पड़ी। छात्रा की हालत बिगड़ने पर परिजनों ने उसे अनुमंडल अस्पताल नवगछिया में भर्ती कराया, जहां चिकित्सकों ने उसकी स्थिति गंभीर बताते हुए बेहतर इलाज के लिए भागलपुर रेफर कर दिया है।
छात्रा की गुहार के बावजूद जारी रही सजा
परिजनों के अनुसार, सजा के दौरान छात्रा ने बार-बार शिक्षक से आग्रह किया कि वह शारीरिक रूप से थक चुकी है और अब उठक-बैठक नहीं कर पा रही है, लेकिन आरोप है कि शिक्षक ने उसकी बात नहीं सुनी। बताया जा रहा है कि 101 बार उठक-बैठक के बाद भी शिक्षक ने छात्रा को और उठक-बैठक करने का निर्देश दिया। अत्यधिक थकान के कारण छात्रा अचानक जमीन पर गिर पड़ी और उसके मुंह से झाग निकलने लगा।
विद्यालय प्रशासन पर लापरवाही का आरोप
घटना की जानकारी विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापिका शशिकला देवी को दी गई, लेकिन परिजनों का आरोप है कि उन्होंने तत्काल चिकित्सा सहायता की व्यवस्था कराने के बजाय छात्रा को घर ले जाने की बात कहकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। इसके बाद परिजन गंभीर अवस्था में छात्रा को घर लेकर पहुंचे और स्थिति बिगड़ने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया।
अनुमंडल अस्पताल नवगछिया में तैनात चिकित्सक मोहक कुमार यादव ने बताया कि छात्रा की हालत चिंताजनक थी। वह बोलने में असमर्थ थी और मुंह से झाग निकल रहा था, जिसके चलते उसे बेहतर उपचार के लिए भागलपुर रेफर किया गया।
परिजनों का आरोप, गांव में आक्रोश
छात्रा की मां ने बताया कि उनकी बेटी पढ़ाई में कमजोर है, इसी कारण उसे अक्सर डांटा-फटकारा जाता था। उन्होंने आरोप लगाया कि अत्यधिक सजा के दौरान जब छात्रा गिर पड़ी, तब भी शिक्षक उसके चेहरे पर पानी डालते रहे। घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजनों और ग्रामीणों में रोष फैल गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण विद्यालय पहुंचे और संबंधित शिक्षक से जवाब-तलब किया।
जांच शुरू, कार्रवाई के संकेत
विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक उमाशंकर सिंह ने बताया कि वे घटना के समय अवकाश पर थे। सूचना मिलते ही वे विद्यालय पहुंचे हैं और पूरे मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में शिक्षक दोषी पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले को लेकर थाना में भी लिखित शिकायत दी गई है। अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने जिला शिक्षा विभाग से मांग की है कि दोषी शिक्षक के विरुद्ध त्वरित और कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की अमानवीय घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।


