व्यवहार न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन, हजारों मामलों के त्वरित निष्पादन की पहल

भागलपुर, 14 दिसंबर 2025।
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देशानुसार बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकार, भागलपुर के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को व्यवहार न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। यह लोक अदालत पूर्वाह्न 10:30 बजे से व्यवहार न्यायालय भागलपुर, नवगछिया एवं कहलगांव के न्यायालय परिसरों में एक साथ आयोजित की गई।

व्यवहार न्यायालय भागलपुर में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्घाटन जिला एवं सत्र न्यायाधीश भागलपुर श्री धर्मेंद्र कुमार सिंह, जिलाधिकारी भागलपुर डॉ. नवल किशोर चौधरी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक भागलपुर श्री हृदय कांत द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया गया।

इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल लगभग 23 हजार मामले सूचीबद्ध किए गए हैं। इनमें करीब 17 हजार मामले प्री-लिटिगेशन (मुकदमा पूर्व) स्तर के हैं, जबकि लगभग 7 हजार मामले पोस्ट-लिटिगेशन (न्यायालय में लंबित) स्तर के हैं। उन्होंने बताया कि अब तक 1700 प्री-लिटिगेशन मामलों एवं 350 पोस्ट-लिटिगेशन मामलों का निष्पादन आपसी सुलह के आधार पर किया जा चुका है।

जिलाधिकारी भागलपुर डॉ. नवल किशोर चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि न्यायालयों में लंबित छोटे-छोटे मामलों का त्वरित निष्पादन किया जाना आवश्यक है। उन्होंने विशेष रूप से राजस्व से संबंधित मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि यदि ऐसे मामलों का समाधान ग्राम कचहरी स्तर पर ही दोनों पक्षों की सहमति से कर लिया जाए, तो न्यायालयों में मुकदमों की संख्या में काफी कमी लाई जा सकती है। इससे माननीय न्यायाधीशों को गंभीर एवं महत्वपूर्ण मामलों पर अधिक ध्यान केंद्रित करने का अवसर मिलेगा।

राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के मुकदमा पूर्व एवं लंबित वादों का निपटारा किया जाता है। इनमें शमनीय (कम्पाउंडेबल) आपराधिक वाद, परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 से संबंधित वाद, बैंक ऋण वसूली के मामले, मोटर दुर्घटना दावा वाद, श्रम विवाद, विद्युत एवं पानी बिल से जुड़े विवाद, वैवाहिक विवाद, भूमि अधिग्रहण से संबंधित वाद, सेवा संबंधी वाद जैसे वेतन, भत्ता एवं सेवानिवृत्ति लाभ, जिला न्यायालय में लंबित राजस्व मामले तथा अन्य दीवानी वाद शामिल हैं। इसके अलावा किराया विवाद, सुखाधिकार, निषेधाज्ञा वाद, माप-तौल से संबंधित वाद, संविदा के विनिर्दिष्ट पालन हेतु वाद, बीएसएनएल सहित अन्य संस्थानों से जुड़े विवादों का भी निपटारा लोक अदालत के माध्यम से आपसी सुलह के आधार पर किया जाता है।

जिला विधिक सेवा प्राधिकार, व्यवहार न्यायालय भागलपुर द्वारा आम लोगों की सुविधा के लिए टॉल फ्री हेल्पलाइन नंबर 15100 उपलब्ध कराया गया है। इसके अतिरिक्त विशेष जानकारी के लिए फोन नंबर 0641-2401017 पर संपर्क किया जा सकता है। राष्ट्रीय लोक अदालत एवं विधिक सहायता से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी या सहायता के लिए ई-मेल आईडी [email protected] पर भी संपर्क किया जा सकता है।

राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्देश्य आम नागरिकों को सुलभ, सस्ता एवं त्वरित न्याय प्रदान करना है, ताकि आपसी सहमति से विवादों का समाधान कर न्यायिक प्रक्रिया को सरल और प्रभावी बनाया जा सके।

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