बिहार में एनडीए की सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने तीन नए विभागों का गठन किया है। इनमें युवा, रोजगार एवं कौशल विकास, उच्च शिक्षा और सिविल विमानन विभाग शामिल हैं। इन तीनों विभागों को कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद अब मुख्यमंत्री ने मंत्रियों के बीच इनके दायित्वों का बंटवारा कर दिया है। मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग की ओर से इससे संबंधित अधिसूचना भी जारी कर दी गई है।
किस मंत्री को कौन सा विभाग मिला
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सिविल विमानन विभाग अपने पास रखा है।
श्रम संसाधन मंत्री संजय सिंह टाइगर को युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
वहीं शिक्षा मंत्री सुनील कुमार को उच्च शिक्षा विभाग का प्रभार दिया गया है।
सुनील कुमार के पास अब तीन विभाग
नए विभागों के बंटवारे के बाद जदयू कोटे से मंत्री सुनील कुमार के पास अब कुल तीन विभाग हो गए हैं। वे पहले से ही शिक्षा विभाग और विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। अब उनके खाते में उच्च शिक्षा विभाग भी आ गया है।
संजय सिंह टाइगर के पास दो विभाग
भाजपा कोटे से मंत्री संजय सिंह टाइगर के पास अब कुल दो विभाग हैं। वे पहले से श्रम संसाधन विभाग संभाल रहे थे, जिसका नाम हाल ही में बदलकर श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग किया गया है। अब उन्हें युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास अब चार विभाग
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास पहले से सामान्य प्रशासन, मंत्रिमंडल सचिवालय, निगरानी और निर्वाचन विभाग थे। अब उनके पास सिविल विमानन विभाग भी आ गया है।
करीब 20 वर्षों में यह पहला अवसर है जब मुख्यमंत्री ने गृह विभाग अपने पास नहीं रखा है। वर्तमान में गृह विभाग की जिम्मेदारी उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पास है।
नए विभागों के गठन का उद्देश्य
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक करोड़ नौकरी और रोजगार के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए इन तीन नए विभागों का गठन किया है। तीनों विभागों में सचिव समेत कई अधिकारियों की तैनाती कर दी गई है। मंत्रिमंडल सचिवालय की ओर से इन विभागों की भूमिका और जिम्मेदारियों को लेकर पहले ही विस्तृत अधिसूचना जारी की जा चुकी है।
मंत्रिमंडल की स्थिति
एनडीए सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री समेत कुल 26 मंत्रियों ने शपथ ली थी। विधानसभा में संख्या बल के आधार पर बिहार में अधिकतम 36 मंत्री बनाए जा सकते हैं। फिलहाल 9 मंत्री पद खाली हैं।
विभागों की संख्या बढ़कर 48 हुई
नई व्यवस्था के बाद बिहार सरकार में विभागों की संख्या 45 से बढ़कर 48 हो गई है। वर्तमान मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री के अलावा जदयू से 8 और भाजपा कोटे से 14 मंत्री शामिल हैं। कई मंत्रियों को एक से अधिक विभागों की जिम्मेदारी दी गई है।


