एनडीए में सीट बंटवारे के बाद उठा तूफान, कुशवाहा और मांझी दोनों नाराज

नई दिल्ली। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए एनडीए ने सीट बंटवारे का ऐलान कर महागठबंधन से एक कदम आगे बढ़ने की कोशिश की है, लेकिन गठबंधन के भीतर ही असंतोष की लहर उठ खड़ी हुई है। एनडीए के सहयोगी दलों — राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) प्रमुख जीतन राम मांझी — दोनों ने खुले तौर पर नाराजगी जताई है।

कुशवाहा के तेवर बरकरार
उपेंद्र कुशवाहा ने सोमवार को एक्स (पूर्व ट्विटर) पर एक शायरी के ज़रिए अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने लिखा —
“आज बादलों ने फिर साजिश की, जहां मेरा घर था वहीं बारिश की। अगर फलक को जिद है बिजलियां गिराने की, तो हमें भी जिद है वहीं पर आशियां बसाने की।”
हालांकि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन यह पोस्ट सीट बंटवारे से असंतोष का संकेत माना जा रहा है। इससे पहले भी कुशवाहा ने एनडीए में अपनी पार्टी को मिली मात्र छह सीटों को लेकर समर्थकों से माफी मांगी थी। पार्टी सूत्रों के अनुसार, कई सीटों पर उनका दावा होने के बावजूद उन्हें मौका नहीं मिला, जिससे कार्यकर्ताओं में नाराजगी है।

मांझी ने भी जताई असहमति
उधर, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के नेता जीतन राम मांझी ने भी सीट बंटवारे पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी का योगदान और जनाधार के अनुरूप सीटें नहीं दी गईं, जिससे गठबंधन पर असर पड़ सकता है। हालांकि मांझी की पार्टी को भी छह सीटें मिली हैं और चार सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा कर दी गई है।

बीजेपी की चुनौती — सहयोगियों को मनाना
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि एनडीए में सीट बंटवारे के बाद सहयोगी दलों की नाराजगी भाजपा के लिए चिंता का विषय है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, भाजपा शीर्ष नेतृत्व इन दलों को जल्द ही मनाने की कोशिश करेगा, ताकि चुनाव से पहले किसी तरह की असहमति का असर प्रचार अभियान पर न पड़े।


 

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