नई दिल्ली/पटना। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने रविवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी अध्यक्ष जे.पी. नड्डा की अध्यक्षता में केंद्रीय चुनाव समिति (सीईसी) की महत्वपूर्ण बैठक की।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, बैठक में सीट वितरण और उम्मीदवार चयन पर विस्तृत विचार-विमर्श के बाद भाजपा सोमवार को पटना में अपने प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर सकती है।
भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि अधिकांश सीटों पर उम्मीदवारों के नाम तय हो चुके हैं और अब केंद्रीय चुनाव समिति की कोई और बैठक प्रस्तावित नहीं है। उन्होंने कहा, “पार्टी ने यह स्पष्ट किया है कि जिन विधायकों के प्रति जनता में असंतोष है, उन्हें इस बार टिकट नहीं दिया जाएगा। साथ ही, कई युवा और नए चेहरों को मौका देने पर विशेष बल दिया गया है।”
एनडीए गठबंधन में एकजुटता, सभी सहयोगी संतुष्ट
सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सभी घटक दलों के बीच सीट बंटवारे पर सहमति बन चुकी है।
- हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के प्रमुख जीतन राम मांझी को उनके बेटे के लिए बिहार सरकार में एक महत्वपूर्ण विभाग और खुद मांझी को केंद्र में एक प्रमुख मंत्रालय देने पर विचार किया जा रहा है।
- वहीं, राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा को पिछली चुनावी हार के बावजूद राज्यसभा के लिए नामित किया गया है और एनडीए ने उन्हें पूर्ण राजनीतिक समर्थन देने का आश्वासन दिया है।
इसके विपरीत, महागठबंधन में सीट बंटवारे पर मतभेद अब खुले तौर पर सामने आने लगे हैं, जिससे विपक्षी गठबंधन में असंतोष गहराता जा रहा है।
बैठक में शीर्ष नेतृत्व रहा मौजूद
बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा, वरिष्ठ नेता सुधा यादव, विनोद तावड़े, बी.एस. येदियुरप्पा, दिनेश जायसवाल, लक्ष्मण, नित्यानंद राय, सी.आर. पाटिल, धर्मेंद्र प्रधान और इकबाल सिंह लालपुरा शामिल रहे।
बैठक में एनडीए की प्रचार रणनीति, जनसंपर्क अभियान, और प्रधानमंत्री मोदी की आगामी बिहार रैलियों के कार्यक्रम पर भी विस्तार से चर्चा की गई।


