
पटना | बिहार एनडीए में सीट शेयरिंग को लेकर चल रही खींचतान लगातार बढ़ती जा रही है। बीजेपी कोटे से शामिल सहयोगी दल – चिराग पासवान की लोजपा (रामविलास), जीतन राम मांझी की हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) और उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (RLSP) – सभी अपनी-अपनी उचित हिस्सेदारी की मांग पर अड़े हुए हैं।
कई दौर की बैठकों और बातचीत के बावजूद सीटों का फार्मूला तय नहीं हो सका है।
बीजेपी के दावे पर कुशवाहा का पलटवार
भारतीय जनता पार्टी बिहार अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने शनिवार (11 अक्टूबर) को दावा किया था कि शाम तक सीट बंटवारे का औपचारिक ऐलान हो जाएगा। लेकिन इसी बीच उपेंद्र कुशवाहा के एक ट्वीट ने सियासी हलचल मचा दी।
ट्वीट के बाद कुशवाहा दिल्ली रवाना हो गए और मीडिया से कहा
“अभी कुछ भी तय नहीं हुआ है। सीट बंटवारे पर बात चल रही है, बीजेपी अध्यक्ष का दावा सही नहीं है।”
इस बयान के बाद एनडीए में असहमति के संकेत और मजबूत हो गए।
चिराग और मांझी भी नाराज़
सूत्रों के अनुसार, चिराग पासवान और जीतन राम मांझी पहले से ही बीजेपी से नाराज़ चल रहे हैं। चिराग जहां 30 सीटों की मांग पर अड़े हैं, वहीं मांझी 10 सीटें चाहते हैं। दोनों नेताओं को मनाने के लिए बीजेपी के वरिष्ठ नेता लगातार संपर्क में हैं, लेकिन अब तक कोई नतीजा नहीं निकला है।
तीनों नेता – चिराग पासवान, जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा – अपनी मांगों को लेकर अब दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं।
अमित शाह करेंगे सुलह की कोशिश
एनडीए में बढ़ते मतभेद को देखते हुए अब बीजेपी ने अपने “चुनावी चाणक्य” और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को इस विवाद को सुलझाने की जिम्मेदारी सौंपी है।
खबर है कि आज शाम अमित शाह दिल्ली में एनडीए के तीनों सहयोगी दलों – चिराग पासवान, जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा – के साथ बैठक करेंगे। इस मीटिंग में सीट शेयरिंग का फाइनल फार्मूला तय किए जाने की संभावना है।
राजनीतिक समीकरणों पर सबकी नजरें
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को देखते हुए एनडीए में सीटों का तालमेल बेहद अहम माना जा रहा है।
विश्लेषकों का मानना है कि अगर सीट बंटवारे को लेकर मतभेद दूर नहीं हुआ, तो इसका असर सीधे चुनावी परिणामों पर पड़ सकता है।


