
बिहार: भारत के उप-राष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने भारत रत्न लोकनायक जयप्रकाश नारायण की 123वीं जयंती पर बिहार के सारण जिले के सीताब दियारा में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
उप-राष्ट्रपति ने लोकनायक के पैतृक घर और राष्ट्रीय स्मारक का दौरा किया तथा वहां उपस्थित नागरिकों और समाजसेवियों को संबोधित करते हुए कहा कि जयप्रकाश नारायण केवल स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं, बल्कि भारतीय लोकतंत्र की अंतरात्मा रक्षक भी थे।
श्री राधाकृष्णन ने लोकनायक के आदर्शों को उजागर करते हुए कहा कि उनका दृष्टिकोण हमेशा “राजनीति से ऊपर जनता” और “स्व से ऊपर राष्ट्र” रहा। उन्होंने बताया कि लोक शक्ति को राज्य शक्ति से ऊपर रखना ही जयप्रकाश नारायण की प्रमुख सोच थी।
उप-राष्ट्रपति ने लोकनायक की पत्नी, दिवंगत प्रभावती देवी के त्याग को भी स्मरण किया और दोहराया कि ‘संपूर्ण क्रांति’ हथियारों की नहीं, बल्कि विचारों की क्रांति थी। उन्होंने कोयंबटूर में युवा नेता के रूप में अपने व्यक्तिगत जुड़ाव को भी साझा किया, जब वे उस आंदोलन में जिला महासचिव थे।
इस अवसर पर श्री राधाकृष्णन ने कहा कि लोकनायक के आदर्शों – सत्य, न्याय, अहिंसा और जनशक्ति – का पालन कर ही भारत @2047 का विकसित और समावेशी भविष्य तैयार किया जा सकता है।
उप-राष्ट्रपति ने कहा, “लोकनायक जयप्रकाश नारायण का जीवन और उनके आदर्श हमेशा हमें याद दिलाएंगे कि लोकतंत्र में जनता ही सबसे महत्वपूर्ण होती है।”
इस मौके पर गांव के लोक नायक स्मृति भवन और पुस्तकालय का भी दौरा किया गया। उपस्थित समाजसेवियों और नागरिकों ने जयप्रकाश नारायण की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।


