नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार 21 सितंबर 2025 को शाम 5 बजे देश को संबोधित किया। अपने संदेश में उन्होंने 22 सितंबर से लागू होने वाले GST सुधारों पर विस्तार से चर्चा की और लोगों को नवरात्र की शुभकामनाएँ दी। इस अवसर पर उन्होंने इसे ‘जीएसटी बचत उत्सव’ भी घोषित किया।
प्रधानमंत्री मोदी के देश को संबोधनों का इतिहास
1. नोटबंदी (2016)
पीएम मोदी ने पहली बार 8 नवंबर 2016 को देश को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने 500 और 1000 रुपये के नोटों की नोटबंदी की घोषणा की। उद्देश्य काला धन, नकली मुद्रा और भ्रष्टाचार पर रोक लगाना था। इसके बाद 31 दिसंबर 2016 को नए साल की पूर्व संध्या पर उन्होंने गरीब नागरिकों और किसानों के लिए बड़ी योजनाओं की घोषणा की।
2. एंटी सैटलाइट मिसाइल और अनुच्छेद 370 (2019)
- 27 मार्च 2019: भारत की एंटी सैटलाइट मिसाइल के सफल परीक्षण के बाद देश को संबोधित किया।
- 8 अगस्त 2019: जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जा (अनुच्छेद 370) हटाने के फैसले का समर्थन।
- 9 नवंबर 2019: अयोध्या के राम जन्मभूमि मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद देश को शांति बनाए रखने की अपील।
3. कोविड-19 लॉकडाउन और आर्थिक राहत (2020)
- 19 मार्च 2020: फ्रंटलाइन वर्कर्स के सम्मान में जनता कर्फ्यू का आह्वान।
- 24 मार्च 2020: भारत में पहला COVID-19 लॉकडाउन और उसके बाद के विस्तार की घोषणा।
- 12 मई 2020: आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत 20 लाख करोड़ रुपए का आर्थिक राहत पैकेज लॉन्च।
4. ऑपरेशन सिंदूर और किसान कानून (2021)
- 7 जून 2021: देश के सभी वयस्कों के लिए मुफ्त COVID-19 वैक्सीन की घोषणा और वैक्सीनेशन अभियान का केंद्रीकरण।
- 19 नवंबर 2021: किसान कानूनों को वापस लेने की घोषणा, विरोध-प्रदर्शन के तनाव को कम करने के लिए।
5. हालिया संबोधन (2025)
- 15 अगस्त 2025: ऑपरेशन सिंदूर, स्पेस स्टेशन और आत्मनिर्भर भारत पर चर्चा।
- 21 सितंबर 2025: GST सुधारों और ‘जीएसटी बचत उत्सव’ पर विस्तार से चर्चा।
नतीजा
प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन हमेशा देश के लिए महत्वपूर्ण फैसलों और सुधारों की जानकारी देने का माध्यम रहे हैं। 21 सितंबर 2025 के संबोधन में उन्होंने आम नागरिकों की बचत, स्वदेशी और आत्मनिर्भर भारत पर जोर दिया।



