नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा कि आगामी ‘नेक्स्ट-जेनरेशन जीएसटी रिफॉर्म्स’ से गरीबों, मिडिल क्लास और नव-मिडिल क्लास के जीवन में बड़ा बदलाव आएगा। उन्होंने इसे “जीएसटी बचत उत्सव” करार देते हुए कहा कि यह कदम आम नागरिकों की बचत और खर्च करने की क्षमता दोनों को बढ़ाएगा।
एक राष्ट्र, एक टैक्स – आम आदमी के लिए राहत
मोदी ने कहा कि जीएसटी लागू होने से पहले टैक्स सिस्टम जटिल और बिखरा हुआ था, लेकिन अब ‘एक राष्ट्र, एक टैक्स’ का सपना पूरा हो चुका है। नई दरें लागू होने के बाद रोजमर्रा की कई चीजें सस्ती होंगी। उन्होंने भरोसा जताया कि इससे उपभोक्ताओं के साथ-साथ छोटे दुकानदार और MSME सेक्टर भी मजबूत होंगे।
आत्मनिर्भर भारत और स्वदेशी पर जोर
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में बार-बार ‘मेड इन इंडिया’ और स्वदेशी उत्पादों के इस्तेमाल पर जोर दिया। उन्होंने कहा—
“गर्व से कहो, ये स्वदेशी है। हमें अपने देश में जो कुछ भी बना सकते हैं, उसे खुद बनाना चाहिए।”
मोदी ने सभी राज्यों से आत्मनिर्भर भारत अभियान को सफल बनाने के लिए निवेश-अनुकूल माहौल तैयार करने की अपील की। उन्होंने कहा कि नई जीएसटी दरें MSME और कुटीर उद्योगों की बिक्री बढ़ाने में मददगार होंगी।
ट्रंप का नाम लिए बिना टैरिफ पर कटाक्ष
पीएम मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया, लेकिन संकेत दिया कि भारत को विदेशी सामान पर निर्भरता कम करनी चाहिए। उन्होंने कहा—
“छोटे दुकानदार से लेकर उपभोक्ता तक, हर किसी को गर्व से कहना चाहिए— मैं स्वदेशी बेचता हूं, मैं स्वदेशी खरीदता हूं।”
भाजपा खेमे में अलग राय
मोदी सरकार ने साफ किया है कि जीएसटी दरों में कटौती का अमेरिकी टैरिफ से कोई सीधा संबंध नहीं है। हालांकि, भाजपा और सहयोगी दलों के कुछ नेताओं का मानना है कि कम जीएसटी के कारण घरेलू खपत बढ़ेगी, जिससे निर्यात पर निर्भरता घट सकती है और अप्रत्यक्ष रूप से टैरिफ के असर को संतुलित किया जा सकेगा।


