
खबर के मुख्य बिंदु (Highlights):
- बड़ा उलटफेर: बिहार में अब ‘दो डिप्टी CM’ का फॉर्मूला हो सकता है खत्म; जेडीयू से सिर्फ एक चेहरा।
- निशांत का उदय: नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को जेडीयू विधायक दल का नेता और डिप्टी CM बनाने की तैयारी।
- महा-मंथन: मुख्यमंत्री आवास पर सम्राट चौधरी और नीतीश के बीच 25 मिनट की ‘गोपनीय’ चर्चा।
- डेडलाइन: आज शाम 5 बजे जेडीयू विधानमंडल दल की बैठक; सभी सांसदों और विधायकों को रहने का निर्देश।
पटना: बिहार की सियासत में ‘नितीश युग’ के दिल्ली प्रस्थान के साथ ही सत्ता के नए समीकरणों ने आकार लेना शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा राज्यसभा के लिए नामांकन के बाद अब सबकी निगाहें उनके उत्तराधिकारी और नई सरकार के ढांचे पर टिकी हैं। सूत्रों से मिली सबसे सनसनीखेज खबर यह है कि इस बार बिहार में ‘दो डिप्टी CM’ वाला पुराना मॉडल बदला जा सकता है और जेडीयू की ओर से केवल एक चेहरा—निशांत कुमार—को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।
निशांत कुमार: जेडीयू के नए ‘खेवनहार’?
जेडीयू के भीतर अब नेतृत्व परिवर्तन को लेकर संशय के बादल छंटते दिख रहे हैं।
- विधायक दल के नेता: कयास लगाए जा रहे हैं कि निशांत कुमार को जेडीयू विधायक दल का नया नेता चुना जाएगा।
- इकलौता डिप्टी CM: गठबंधन में किसी भी प्रकार के ‘पावर क्लैश’ को रोकने के लिए जेडीयू की ओर से केवल एक ही उपमुख्यमंत्री बनाने का प्रस्ताव है। अगर ऐसा होता है, तो निशांत कुमार नई सरकार में जेडीयू का सबसे बड़ा चेहरा होंगे।
पटना में बैठकों का दौर: ’25 मिनट’ में क्या तय हुआ?
नई सरकार की रूपरेखा को लेकर आज पटना में जबरदस्त हलचल देखी गई:
- सम्राट चौधरी की मुलाकात: उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री आवास पहुँचकर नीतीश कुमार से करीब 25 मिनट तक गुपचुप मंत्रणा की। माना जा रहा है कि बीजेपी और जेडीयू के बीच पदों के बंटवारे पर अंतिम मुहर लग चुकी है।
- संजय झा का रोल: जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने भी सीएम से मुलाकात कर पार्टी के भीतर के मूड और भविष्य की रणनीति पर चर्चा की।
शाम 5 बजे ‘ऐतिहासिक’ फैसला!
आज शाम 5 बजे मुख्यमंत्री आवास पर जेडीयू विधानमंडल दल की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है।
”इस बैठक में जेडीयू के सभी सांसद, विधायक और विधान पार्षद मौजूद रहेंगे। माना जा रहा है कि इसी बैठक में निशांत कुमार के नाम पर आधिकारिक मुहर लगाई जा सकती है और पार्टी के भविष्य का ‘रोडमैप’ दुनिया के सामने रखा जाएगा।”
VOB का नजरिया: विरासत को संभलने की चुनौती
नीतीश कुमार ने हमेशा ‘सरप्राइज’ देने की राजनीति की है, लेकिन निशांत कुमार को आगे बढ़ाना उनका सबसे बड़ा दांव साबित हो सकता है। यह फैसला जेडीयू को एकजुट रखने के लिए लिया जा रहा है या बीजेपी के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए, यह आने वाला वक्त बताएगा। अगर आज शाम निशांत के नाम पर मुहर लगती है, तो बिहार की राजनीति में एक ‘नए सितारे’ का उदय होगा, जिस पर 2025 के चुनाव का पूरा दारोमदार होगा।


