
पूर्णिया, 14 सितंबर:बिहार के विपक्षी नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने देर रात गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (GMCH), पूर्णिया का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर वीडियो साझा कर 20 सालों की एनडीए सरकार की स्वास्थ्य व्यवस्था की वास्तविक स्थिति उजागर की।
तेजस्वी ने कहा कि यह बदहाल स्थिति किसी जिला अस्पताल या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की नहीं बल्कि तथाकथित मेडिकल कॉलेज की है। GMCH में 80 प्रतिशत चिकित्सकों के पद रिक्त हैं। ICU और ट्रॉमा सेंटर अभी तक चालू नहीं हैं और कार्डियोलॉजी विभाग मौजूद ही नहीं है। एक बेड पर तीन मरीज रखे जाते हैं और बेडशीट 15-20 दिन तक नहीं बदली जाती।
नर्सिंग और स्टाफ की स्थिति:
अस्पताल में नर्स के स्वीकृत 255 पदों में केवल 55 नर्स ही कार्यरत हैं। तीन शिफ्टों में एक बार में केवल 18 नर्स ही ड्यूटी पर रहती हैं। इसके अलावा, अस्पताल में स्थायी ड्रेसर अनुपस्थित हैं और केवल चार OT सहायक कार्यरत हैं। मेडिकल इंटर्न को छह महीने से वेतन नहीं मिला है।
अस्पताल विभागों की स्थिति:
GMCH के 23 विभागों में से कई विभाग पूरी तरह बंद हैं। प्रोफेसर और सहायक प्रोफेसर नाम मात्र हैं। सरकारी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी, स्वास्थ्य उपकरण और सुविधाओं की कमी के कारण प्रतिदिन लगभग 10 हजार मरीज निजी अस्पतालों में जाते हैं।
सरकार पर आरोप:
तेजस्वी यादव ने एनडीए सरकार और स्वास्थ्य मंत्री पर आरोप लगाते हुए कहा कि अधिकारी और मंत्री स्वास्थ्य सुविधाओं के बजाय बिल्डिंग और उपकरणों में करोड़ों रुपये खर्च कर रहे हैं, लेकिन डॉक्टर्स, लैब टेक्निशियन और अन्य स्टाफ की नियुक्ति नहीं कर रहे।
प्रधानमंत्री के दौरे का जिक्र:
तेजस्वी ने कहा कि 15 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूर्णिया आएंगे और इस मेडिकल कॉलेज का दौरा करेंगे। उन्होंने सरकार और प्रधानमंत्री से अपील की कि वे स्वास्थ्य व्यवस्था की वास्तविक स्थिति अवश्य देखें।
नोट:यह रिपोर्ट पूर्णिया GMCH में स्वास्थ्य व्यवस्था की वास्तविक स्थिति पर आधारित है। वीडियो में अस्पताल की बदहाली और रिक्त पदों की जानकारी के साथ साफ-सफाई, बिस्तरों और स्टाफ की कमी का भी जिक्र किया गया है।


