
पटना, 14 सितंबर: पटना साहिब के सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि “विगत 75 वर्षों में हमारे संविधान ने भारत के लोकतंत्र को लगातार परिपक्व बनाया है। संविधान में देश के समक्ष आने वाली सभी चुनौतियों से निपटने की शक्ति निहित है।”
रविशंकर प्रसाद शनिवार को सचिवालय स्थित अधिवेशन भवन में आयोजित “विगत 75 वर्षों में भारत की संवैधानिक यात्रा” विषयक प्रथम भुवनेश्वरी दयाल व्याख्यान को संबोधित कर रहे थे। इस व्याख्यान का आयोजन बीडी कॉलेज द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में शामिल गणमान्य व्यक्ति
व्याख्यान की अध्यक्षता बीडी कॉलेज की प्राचार्या डॉ. रत्ना अमृत ने की। कार्यक्रम में बिहार विश्वविद्यालय सेवा आयोग के अध्यक्ष प्रो. गिरीश कुमार चौधरी, पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. उपेन्द्र प्रसाद सिंह, मगध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एसपी शाही सहित राज्य के कई गणमान्य व्यक्तित्व, शिक्षक और छात्र-छात्राएं मौजूद थे।
संविधान की ताकत और लोकतंत्र में जनता की भूमिका
रविशंकर प्रसाद ने कहा कि संविधान की सबसे बड़ी ताकत यह है कि इसने 75 वर्षों की यात्रा में देश पर शासन करने का अधिकार जनता के वोट में निहित रखा है। उन्होंने बताया कि संविधान हर भारतीय को सशक्त बनाता है, चाहे वह किसी भी धर्म, जाति, भाषा, वेशभूषा या प्रांत का नागरिक हो।
उन्होंने यह भी बताया कि संविधान ने सरकारों के साथ-साथ सभी संवैधानिक संस्थाओं को उत्तरदायी बनाया है, चाहे वह चुनाव आयोग, सर्वोच्च न्यायालय, केंद्र सरकार या राज्य सरकारें हों।
संविधान निर्माण में पूर्वजों का योगदान
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने संविधान के निर्माण में डॉ. राजेंद्र प्रसाद, जवाहरलाल नेहरू, सरदार बल्लभ भाई पटेल, अबुल कलाम आजाद सहित अन्य नेताओं के योगदान को याद किया। उन्होंने बताया कि उस समय देश 500 से अधिक रियासतों में बंटा हुआ था और सरदार पटेल ने सभी रियासतों को संविधान के अनुरूप एकसूत्र में जोड़ने का काम किया।
बीडी कॉलेज की प्राचार्या का संदेश
बीडी कॉलेज की प्राचार्या डॉ. रत्ना अमृत ने कहा कि कॉलेज की स्थापना में स्व. भुवनेश्वरी दयाल, तत्कालीन महापौर केएन सहाय और प्रो. निर्मल कुमार श्रीवास्तव का प्रमुख योगदान रहा। उन्होंने बताया कि निर्माणाधीन भवन का काम जल्द पूरा होगा और कॉलेज की कैंटीन का संचालन जीविका दीदियों को सौंपा जाएगा।
डॉ. रत्ना अमृत ने छात्रों से कहा कि वह चुनौतियों को अवसर में बदलें और अपने ज्ञान का सदुपयोग करें।


