
पटना मेट्रो प्रोजेक्ट को लेकर बड़ी खुशखबरी सामने आई है। रेड लाइन के प्राथमिक कॉरिडोर पर मेट्रो ट्रेन की स्पीड फिलहाल 40 किलोमीटर प्रति घंटा तय की गई है। शुरुआत में न्यू पाटलिपुत्र बस टर्मिनल से जीरो माइल होते हुए भूतनाथ स्टेशन तक की दूरी 25 से 30 मिनट में पूरी होगी।
सिग्नल सिस्टम का काम अभी अधूरा है, इसलिए फिलहाल वॉकी-टॉकी के जरिए ही ट्रेन का संचालन किया जाएगा। रेलवे से इसके लिए मंजूरी मिल चुकी है। पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (PMRC) के अनुसार, 29 सितंबर को उद्घाटन की संभावना है, लेकिन अंतिम तारीख प्रधानमंत्री कार्यालय से सहमति मिलने के बाद ही घोषित होगी।
सफल ट्रायल रन
- 7 सितंबर को तीन कोच वाली ट्रेन ने आईएसबीटी डिपो से भूतनाथ स्टेशन तक 3.6 किलोमीटर का सफल ट्रायल रन पूरा किया।
- सिग्नल की कमी के कारण फिलहाल औसत स्पीड 80 किमी/घंटा से कम रहेगी।
- जब कॉरिडोर-2 में सिग्नल सिस्टम चालू होगा, तो यह दूरी केवल 10 से 15 मिनट में पूरी की जा सकेगी।
दूसरे चरण की तैयारी
- दिसंबर तक मेट्रो को मलाही पकड़ी स्टेशन तक विस्तार देने की योजना है।
- मेट्रो की बोगियों पर बिहार की समृद्ध संस्कृति की झलक होगी, जिनमें गोलघर, महावीर मंदिर, भगवान महावीर और मधुबनी पेंटिंग जैसी कलाकृतियां नजर आएंगी।
क्षमता और सुविधा
- एक कोच में 300 यात्रियों की क्षमता होगी, जिससे पटना की बढ़ती भीड़ को बड़ी राहत मिलेगी।
- डिपो का काम समय पर पूरा होने की उम्मीद है और ट्रायल रन पहले ही शुरू हो चुके हैं।
पटना के लिए मील का पत्थर
यह प्रोजेक्ट भले ही अगस्त 2025 के लक्ष्य से थोड़ा पीछे हुआ, लेकिन अब सितंबर-अक्टूबर 2025 में लॉन्च तय माना जा रहा है। मेट्रो से ट्रैफिक जाम और प्रदूषण कम होगा और शहर की कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
पटना जैसे तेजी से बढ़ते शहर के लिए यह एक मील का पत्थर साबित होगा। पटनावासी लंबे समय से मेट्रो का इंतजार कर रहे थे। यह प्रोजेक्ट न सिर्फ यात्रा को आसान बनाएगा, बल्कि आर्थिक विकास को भी गति देगा।
PMRC और DMRC की टीम दिन-रात काम कर रही है, ताकि सब कुछ समय पर पूरा हो सके। जल्द ही पटना की सड़कों पर मेट्रो की चहल-पहल देखने को मिलेगी।


