नेता प्रतिपक्ष ने सरकार पर लगाया कानून-व्यवस्था ध्वस्त करने का आरोप, कहा- सौ से अधिक हत्याएं हो चुकीं
पटना। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने बिहार में अपराध की घटनाओं में लगातार वृद्धि का आरोप लगाते हुए राज्य सरकार को घेरा है। गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि बीती रात पटना में राजद के एक नेता की गोली मारकर हत्या कर दी गई, जो इस बात का सबूत है कि सत्ता के संरक्षण में अपराधी बेलगाम हो चुके हैं।
“कानून-व्यवस्था चरमरा गई है”
तेजस्वी यादव ने कहा कि हाल के दिनों में बिहार में सौ से अधिक हत्याएं हो चुकी हैं। बावजूद इसके सरकार की ओर से न तो ठोस कार्रवाई हुई है और न ही गंभीरता दिखाई गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और आम जनता असुरक्षित महसूस कर रही है।
भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भी साधा निशाना
तेजस्वी ने भ्रष्टाचार के मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि हाल में एक इंजीनियर के घर करोड़ों रुपये बरामद हुए और नोट जलाने की घटना भी सामने आई। लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि सरकार इस पूरे मामले को दबाने की कोशिश कर रही है।
पुलिस कार्रवाई की निंदा
नेता प्रतिपक्ष ने हाल ही में पटना में प्रदर्शनकारियों पर हुए लाठीचार्ज की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस ने बेरहमी दिखाई, जो लोकतंत्र के खिलाफ है।
संविदा कर्मियों की मांगों का समर्थन
विशेष सर्वेक्षण संविदा कर्मी संघ के प्रतिनिधियों से मुलाकात के बाद तेजस्वी यादव ने कहा कि सरकार को इनकी सेवा तुरंत बहाल करनी चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि
- सेवा 60 वर्ष तक नियमित हो
- अनुभव के आधार पर स्थायी नियुक्ति में वरीयता दी जाए
- महंगाई भत्ता, पदनाम परिवर्तन और ईपीएफओ अंशदान जैसी मांगों को स्वीकार किया जाए।
चुनाव आयोग को लेकर बयान
तेजस्वी ने चुनाव आयोग से भी सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करने की मांग की। उन्होंने कहा कि मतदाता पहचान के लिए लोगों द्वारा दिए जा रहे आधार कार्ड को स्वीकार किया जाना चाहिए।


