
भागलपुर, 12 मार्च। भागलपुर जिले के सजौर थाना क्षेत्र में बुधवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में 16 वर्षीय किशोर की मौत हो गई। तेज रफ्तार से जा रहे अवैध बालू लदे ट्रैक्टर ने सड़क किनारे लगे बिजली के खंभे में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि खंभा टूटकर पास में मौजूद किशोर के ऊपर गिर गया। गंभीर रूप से घायल किशोर को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना सजौर थाना क्षेत्र के कराड़िया गांव की बताई जा रही है। मृतक की पहचान प्रिंस कुमार झा के पुत्र विक्रम कुमार (16) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि विक्रम इस वर्ष इंटरमीडिएट की परीक्षा दे चुका था और पढ़ाई में काफी मेधावी छात्र था।
खेलते समय हुआ हादसा
परिजनों के अनुसार बुधवार सुबह करीब आठ बजे विक्रम अपने घर के पास खेल रहा था। इसी दौरान तेज रफ्तार से आ रहा अवैध बालू लदा ट्रैक्टर अचानक सड़क किनारे लगे बिजली के खंभे से टकरा गया। टक्कर लगते ही खंभा टूटकर सीधे विक्रम के ऊपर गिर पड़ा। खंभे के नीचे दबने से उसकी छाती की हड्डी बुरी तरह टूट गई और वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों और परिजनों ने तुरंत विक्रम को खंभे के नीचे से निकाला और इलाज के लिए भागलपुर के मायागंज अस्पताल पहुंचाया। हालांकि डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
हादसे के बाद चालक फरार
घटना के बाद ट्रैक्टर चालक मौके से वाहन छोड़कर फरार हो गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि हादसे के समय आसपास कई लोग मौजूद थे, लेकिन सौभाग्य से अन्य कोई व्यक्ति इसकी चपेट में नहीं आया, नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था।
अवैध बालू परिवहन पर उठे सवाल
मृतक के पिता प्रिंस कुमार झा ने आरोप लगाया कि इलाके में अवैध बालू लदे ट्रैक्टर तेज रफ्तार में लगातार चलते रहते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा हमेशा बना रहता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे अवैध बालू परिवहन पर सख्ती से कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
पुलिस जांच में जुटी
घटना की सूचना मिलते ही सजौर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और फरार ट्रैक्टर चालक की तलाश की जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में अवैध बालू ढुलाई लंबे समय से जारी है और कई बार प्रशासन को इसकी शिकायत भी की जा चुकी है। बावजूद इसके तेज रफ्तार ट्रैक्टरों की आवाजाही से ग्रामीणों की सुरक्षा पर लगातार खतरा बना हुआ है।


