औरंगाबाद का वांछित नक्सली पुकार भुईया STF के हत्थे चढ़ा, अवैध हथियारों का जखीरा बरामद

औरंगाबाद/गया — बिहार में नक्सल विरोधी अभियान को बड़ी सफलता हाथ लगी है। विशेष कार्य बल (STF) की टीम ने सोमवार को औरंगाबाद जिले के मोस्ट वांटेड नक्सली पुकार भुईया को अवैध हथियारों के साथ गिरफ्तार कर लिया है। पुकार भुईया लंबे समय से पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था और कई संगीन मामलों में वांछित था।

गिरफ्तारी की कार्यवाही

6 अगस्त को STF की विशेष टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर गया जिले के आमस थाना क्षेत्र स्थित शिव टहल बिगहा गांव निवासी पुकार भुईया को मदनपुर थाना क्षेत्र से छापेमारी कर धर दबोचा। उसके पास से भारी मात्रा में हथियार भी बरामद किए गए।

बरामद हथियार:

  • 1 देशी कारबाईन
  • 2 देसी कट्टा
  • 1 जिंदा कारतूस

नक्सली गतिविधियों का लंबा इतिहास

पुकार भुईया का नाम पहली बार मई 2025 में उस समय सामने आया था, जब मदनपुर थाना क्षेत्र के पहाड़ी जंगलों में STF और जिला पुलिस के संयुक्त अभियान के दौरान उस पर पुलिस टीम पर जानलेवा फायरिंग का आरोप लगा। इस मामले में मदनपुर थाना कांड संख्या 202/25 दर्ज है, जिसमें BNS की धारा 109/132/3(5), आर्म्स एक्ट की धारा 27 और UAPA की धारा 13/16/17/20 लगाई गई थी।

जेसीबी फूंकने और लेवी मांगने का आरोप

  • 7 जनवरी 2025 को मदनपुर थाना क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्य में लगे JCB को अपने साथियों के साथ मिलकर आग के हवाले कर दिया। इस मामले में कांड संख्या 07/2025 दर्ज है, जिसमें BNS और UAPA की धाराएं शामिल हैं।
  • 29 जनवरी 2025 की रात गिद्धवा नाला के पास निर्माण कार्य में लगी पोकलेन मशीन को जलाने की घटना में भी उसका नाम सामने आया। कांड संख्या 41/25 इसी मामले में दर्ज है।
  • 15 मई 2025 को डुमरीया आहर पईन के साइट इंचार्ज से लेवी की मांग भी उसी ने की थी। कांड संख्या 199/25 में वह नामजद अभियुक्त है।

पांच कांडों का आरोपी

पुकार भुईया पर औरंगाबाद जिले के मदनपुर थाना और गया जिले के गुरुआ थाना में कुल 5 गंभीर नक्सली कांड दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार, यह नक्सली इलाके में निर्माण कार्यों में व्यवधान डालने, ठेकेदारों से जबरन वसूली और सरकारी योजनाओं को बाधित करने में लगातार सक्रिय था।

STF की कार्रवाई पर पुलिस की प्रतिक्रिया

एसटीएफ अधिकारियों का कहना है कि पुकार भुईया की गिरफ्तारी से नक्सलियों की कमर टूटेगी। उसने न सिर्फ हथियारबंद गतिविधियों को अंजाम दिया था, बल्कि लेवी वसूलने और सरकारी परियोजनाओं को निशाना बनाने की रणनीति में भी वह मुख्य भूमिका में था। अब उससे पूछताछ कर अन्य सहयोगियों और नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है।


 

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