
70 राउंड फायरिंग, वायरल वीडियो और गंभीर धाराओं के बीच कोर्ट से मिली राहत, सियासत में नई हलचल के आसार
तारीख: 5 अगस्त 2025
स्थान: पटना
बिहार की राजनीति में हलचल मचाने वाली खबर राजधानी पटना से सामने आई है। मोकामा के पूर्व विधायक और बाहुबली नेता अनंत सिंह, जिन्हें उनके समर्थक ‘छोटे सरकार’ के नाम से जानते हैं, को पटना हाई कोर्ट से पचमहला गोलीकांड मामले में जमानत मिल गई है।
इस फैसले के साथ ही यह साफ हो गया है कि अनंत सिंह आगामी विधानसभा चुनाव 2025 से पहले जेल से बाहर आ जाएंगे और संभावित तौर पर फिर से सियासी मैदान में वापसी करेंगे।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला 22 जनवरी 2025 का है। आरोप है कि सोनू और मोनू नामक दो व्यक्तियों ने अपने ही कर्मचारी मुकेश सिंह के घर पर ताला जड़ दिया था। मुकेश दोनों के ईंट भट्ठे में मुंशी के रूप में कार्यरत था और उस पर 68 लाख रुपये के गबन का आरोप लगाया गया।
मुकेश सिंह ने इसकी शिकायत थाने में दर्ज कराई और अनंत सिंह से मदद मांगी। शिकायत मिलने के बाद अनंत सिंह अपने समर्थकों के साथ जलालपुर गांव पहुंचे, जहां मुकेश के घर का ताला तोड़ा गया। इसके बाद वह दोनों पक्षों के बीच सुलह कराने के लिए नौरंगा गांव पहुंचे, लेकिन वहां विवाद भीषण फायरिंग में तब्दील हो गया।
70 राउंड फायरिंग का दावा, पुलिस को मिले सिर्फ 14 खोखे
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच करीब 70 राउंड फायरिंग हुई। हालांकि पुलिस ने मौके से सिर्फ 14 खोखे बरामद किए। इसके अगले दिन यानी 23 जनवरी को मुकेश सिंह के घर पर फिर से गोलीबारी हुई और वहां से 4 खोखे बरामद किए गए।
वायरल वीडियो बना बड़ा सबूत
इस घटना से जुड़े 53 सेकंड का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें कथित तौर पर अनंत सिंह और उनके समर्थकों को हथियारों के साथ देखा गया।
वीडियो के आधार पर अनंत सिंह पर दर्ज हुए गंभीर आरोपों में शामिल हैं:
- आर्म्स एक्ट
- हत्या की कोशिश
- सरकारी कार्य में बाधा
- मारपीट और बलवा
इन्हीं धाराओं के तहत अनंत सिंह के खिलाफ FIR दर्ज हुई और उन्होंने 24 जनवरी को बाढ़ कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया।
अब कोर्ट से मिली राहत
लगभग साढ़े छह महीने जेल में बिताने के बाद अनंत सिंह ने पटना हाई कोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी। अदालत ने केस के तथ्यों और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद उन्हें जमानत प्रदान कर दी है।
अब अनंत सिंह जल्द ही जेल से बाहर आएंगे और माना जा रहा है कि वे विधानसभा चुनाव से पहले चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी करेंगे।
क्या लौटेगी ‘छोटे सरकार’ की सियासी पकड़?
अनंत सिंह लंबे समय से मोकामा क्षेत्र की राजनीति का एक प्रभावशाली चेहरा रहे हैं। भले ही वे फिलहाल किसी सक्रिय पद पर नहीं हैं, लेकिन उनके समर्थकों की एक मजबूत फौज अब भी मोकामा और आस-पास के इलाकों में मौजूद है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जेल से बाहर आने के बाद अनंत सिंह की वापसी से स्थानीय राजनीति में एक बार फिर से उबाल आ सकता है। वहीं दूसरी ओर, उनके ऊपर चल रहे केस और कानूनी बाधाएं आगे की सियासी राह को कठिन भी बना सकती हैं।


