बिहार कैबिनेट की बैठक में 36 प्रस्तावों को मिली मंजूरी, शिक्षकों से लेकर प्रशासनिक सुधार तक कई बड़े फैसले

विधानसभा चुनाव से पहले नीतीश सरकार के बड़े निर्णय, शारीरिक शिक्षकों का मानदेय दोगुना, कृषि और शिक्षा विभाग में पद सृजन

प्रकाशन तिथि: 5 अगस्त 2025

स्थान: पटना

बिहार सरकार ने मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसलों पर मुहर लगा दी है। मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित कैबिनेट हॉल में हुई इस बैठक में विभिन्न विभागों से जुड़े कुल 36 प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। यह बैठक विधानसभा चुनाव 2025 से पहले सरकार द्वारा लिए जा रहे उन निर्णयों की कड़ी है, जिनका सीधा असर जनता से जुड़े मुद्दों पर पड़ने वाला है।

शिक्षा, कृषि और प्रशासनिक ढांचे में बड़े बदलाव

बैठक में सबसे बड़ा फैसला शारीरिक शिक्षकों के मानदेय को लेकर आया है। अब तक उन्हें ₹8000 प्रति माह मिल रहा था, जिसे दोगुना बढ़ाकर ₹16,000 कर दिया गया है। इसके अलावा रसोइयों और रात्रि प्रहरियों के मानदेय में भी बढ़ोतरी की गई है।

राज्य विद्यालय अध्यापक नियुक्ति एवं स्थानांतरण सेवा नियमावली को भी कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है, जिससे शिक्षकों के ट्रांसफर और नियुक्ति प्रक्रियाएं और पारदर्शी होंगी।

अनुसूचित जाति-जनजाति छात्रों के लिए नया आवासीय विद्यालय

औरंगाबाद जिले में अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लिए भीमराव अंबेडकर आवासीय विद्यालय की स्थापना को मंजूरी दी गई है। यह कदम शिक्षा के क्षेत्र में सामाजिक समानता को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

कृषि विभाग में 712 पदों को मिली स्वीकृति

कृषि विभाग के अंतर्गत विभिन्न कार्यालयों में 712 पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है। इसमें:

  • संख्या संगणक के 534 पद
  • कृषि संख्या अनुदेशक के 178 पद

शामिल हैं। साथ ही ‘कृषि अधीनस्थ सेवा कोटि-5 पौधा संरक्षण नियमावली 2025’ को भी स्वीकृति मिली है, जो पौधों की सुरक्षा और कृषि अनुसंधान के क्षेत्र में नई दिशा तय करेगी।

विश्वविद्यालय और शहरी योजनाओं से जुड़े फैसले

मुंगेर विश्वविद्यालय में 151 शिक्षक अकादमिक पदों के सृजन को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। इसके अलावा बिहार शहरी आयोजन स्कीम नियमावली 2025 को भी स्वीकृति दे दी गई है, जिसका उद्देश्य शहरों के नियोजित विकास को बढ़ावा देना है।

अल्पसंख्यक स्कूलों को मिलेगा उपस्थिति के आधार पर लाभ

राज्य के सरकारी, गैर-सरकारी, सहायता प्राप्त और अल्पसंख्यक उच्च विद्यालयों में अब छात्रों की उपस्थिति के आधार पर वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इससे शिक्षा संस्थानों में अनुशासन और गुणवत्ता को बढ़ावा मिलेगा।

एक प्रशासनिक अधिकारी की सेवा समाप्त

कैबिनेट ने बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारी विजय कुमार को सेवा से बर्खास्त किए जाने के दंड को बरकरार रखा है। यह निर्णय प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर सरकार की सख्ती को दर्शाता है।

अन्य प्रस्तावों को भी मिली स्वीकृति

कैबिनेट बैठक में कई अन्य प्रस्तावों पर भी मुहर लगी, जिनमें:

  • तकनीकी सुधार
  • सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में बदलाव
  • राजस्व और वित्त विभाग से संबंधित नियमावली संशोधन

शामिल हैं। हालांकि सभी 36 एजेंडों की विस्तृत सूची अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि अधिकतर फैसले जनसरोकार से जुड़े और प्रशासनिक सुधार से संबंधित हैं।

  • ये भी पढ़े..

    तकनीकी शिक्षा को नई उड़ान देने की तैयारी, बिहार में रिसर्च, इनोवेशन और रोजगार आधारित पढ़ाई पर जोर

    Share Add as a preferred…

    बिहार संग्रहालय बना राष्ट्रीय रोल मॉडल, देश के 9 बड़े संग्रहालयों के विकास में निभा रहा अहम योगदान

    Share Add as a preferred…