
भागलपुर, 3 अगस्त 2025 | राज्य में लगातार हो रही बारिश ने गंगा नदी के जलस्तर में अप्रत्याशित उछाल ला दिया है। भागलपुर में गंगा का जलस्तर पिछले 24 घंटे में 1.10 मीटर बढ़कर 33.78 मीटर तक पहुंच गया है, जो खतरे के निशान (33.68 मीटर) से ऊपर है। सुल्तानगंज से कहलगांव तक गंगा पूरी तरह लाल निशान पार कर चुकी है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।

निचले इलाकों में पानी का प्रवेश शुरू, दियारा से पलायन
शनिवार को बूढ़ानाथ मंदिर परिसर, मशानी काली मंदिर और रिवर फ्रंट तक गंगा का पानी पहुंच गया। शहर के निचले क्षेत्रों में पानी का प्रवेश शुरू हो गया है, जिससे दियारा क्षेत्र के लोग अपने मवेशियों के साथ सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। कई लोग एयरपोर्ट मैदान में अस्थायी रूप से डेरा डाले हुए हैं।
कहलगांव और सुल्तानगंज भी संकट में
- कहलगांव: गंगा का जलस्तर 31.26 मीटर पहुंच गया है, जबकि खतरे का निशान 31.09 मीटर है।
- सुल्तानगंज: शनिवार शाम गंगा का जलस्तर 34.47 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का निशान 34.05 मीटर है।
बांध पर दबाव, कटाव का खतरा
- इस्माईलपुर बिंदटोली में गंगा के दबाव से स्पर नंबर 9 पहले ही क्षतिग्रस्त हो चुका है। यहां फ्लड फाइटिंग टीम सक्रिय है।
- सबौर के चांयचक में गंगा का कटाव लगातार जारी है। ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
क्रूज चालू, पर राहत की चिंता
गंगा में बढ़े जलस्तर के कारण एसएम कॉलेज घाट के रास्ते से क्रूज का परिचालन फिर शुरू हो गया है। प्रशासन मानता है कि जरूरत पड़ने पर यह राहत व बचाव कार्य में सहायक हो सकता है।
प्रशासन अलर्ट मोड में, घाटों पर SDRF तैनात
श्रावणी मेला को देखते हुए सुल्तानगंज घाटों पर कांवरियों की भारी भीड़ उमड़ रही है। प्रशासन ने एसडीआरएफ व गोताखोरों की टीम घाटों पर तैनात की है और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे केवल बैरिकेडिंग क्षेत्र में ही स्नान व जल भराव करें।
जल संसाधन विभाग का पूर्वानुमान
जल संसाधन विभाग और केन्द्रीय जल आयोग ने रविवार को भी जलस्तर में बढ़ोतरी का पूर्वानुमान जारी किया है। विभाग के अनुसार उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और बिहार में भारी वर्षा के कारण गंगा फिलहाल “राइजिंग स्टेट” में है और अगले कुछ दिन स्थिति और गंभीर हो सकती है।
स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है। प्रशासन ने गंगा तटीय सभी इलाकों में अलर्ट जारी कर लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।



