
पटना, 2 अगस्त 2025: बिहार की खेल यात्रा में नया इतिहास रचते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को राज्य में पहली बार आयोजित हो रही एशिया रग्बी (अंडर-20) चैंपियनशिप-2025 के लोगो और शुभंकर ‘अशोक’ का अनावरण किया। यह आयोजन 9 और 10 अगस्त को राजगीर स्थित बिहार खेल विश्वविद्यालय परिसर में होने जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा – बिहार बनेगा खेलों का वैश्विक केंद्र
मुख्यमंत्री ने कहा,
“यह गर्व की बात है कि बिहार अब अंतरराष्ट्रीय रग्बी प्रतियोगिता की मेज़बानी कर रहा है। रग्बी जैसे खेल के आयोजन से युवाओं में ऊर्जा का संचार होगा और बिहार की पहचान वैश्विक मंच पर स्थापित होगी।”
उन्होंने यह भी कहा कि बिहार के खिलाड़ी लगातार राष्ट्रीय स्तर पर रग्बी में बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं, और यह टूर्नामेंट उन्हें अंतरराष्ट्रीय अनुभव और नई ऊंचाई देगा।
शुभंकर ‘अशोक’: इतिहास से प्रेरित, भविष्य का प्रतीक
शुभंकर ‘अशोक’ को एक तेज, सतर्क और फुर्तीले खरगोश के रूप में रूपांकित किया गया है — जो नेतृत्व, साहस और रणनीति का प्रतीक है।
उसका कवच, ढाल और शिरस्त्राण उसकी मानसिक दृढ़ता और तैयारियों का संकेत देता है। रग्बी बॉल थामे अशोक बिहार के युवाओं की प्रतिभा, आत्मबल और आकांक्षा को दर्शाता है।
“अशोक सिर्फ एक शुभंकर नहीं, बल्कि यह संकेत है कि अब बिहार खेलों में भी नेतृत्व करेगा।”
चैंपियनशिप में 9 देशों की 16 टीमें लेंगी हिस्सा
- आयोजन तिथि: 9-10 अगस्त 2025
- स्थान: राज्य खेल अकादमी-सह-बिहार खेल विश्वविद्यालय, राजगीर
- उद्घाटन समारोह: 8 अगस्त, कबड्डी हॉल, राजगीर
- टीमें: भारत, चीन, यूएई, हांगकांग, कजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान, श्रीलंका, मलेशिया (पुरुष), नेपाल (महिला)
- पुरुष और महिला वर्ग में कुल 16 टीमें भाग लेंगी।
यह चैंपियनशिप एशिया के शीर्ष 8 रैंकिंग वाले देशों के बीच खेली जाती है, जिससे इसकी प्रतिष्ठा और प्रतिस्पर्धात्मकता जाहिर होती है।
खेल परिसर में अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं
राजगीर का खेल परिसर हाल ही में खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2025 का सफल आयोजन कर चुका है। यहां विश्वस्तरीय प्रशिक्षण, मैदान, आवास, और खेल उपकरणों की सुविधा है। सभी टीमें 7 अगस्त से राजगीर पहुंचेंगी और यहीं रुकेंगी, जिससे स्थानीय संस्कृति और एशियाई खेल प्रतिभाओं का सुंदर मेल देखने को मिलेगा।
लोगो में दिखता है बिहार की आत्मा का रंग
चैंपियनशिप के लोगो में प्रयुक्त नीला, हरा और मिट्टी का रंग — बिहार की प्रकृति, परंपरा और जीवनशक्ति का प्रतीक है। आधुनिक रेखांकन और गहराईपूर्ण प्रतीकात्मकता इसे परंपरा और आधुनिकता का संगम बनाते हैं।
बिहार रग्बी में बना रहा है अपनी अलग पहचान
बिहार की रग्बी टीमों ने हाल में:
- राष्ट्रीय खेलों में महिला वर्ग में रजत पदक जीता
- स्कूल गेम्स में बालक-बालिका टीमों ने जूनियर, सब-जूनियर और सीनियर वर्ग में चैंपियनशिप हासिल की
यह टूर्नामेंट बिहार के उभरते रग्बी खिलाड़ियों को वैश्विक मंच देगा और युवाओं में खेल के प्रति नई चेतना लाएगा।
मुख्यमंत्री को रग्बी इंडिया का प्रतीक चिह्न भेंट
कार्यक्रम के दौरान रग्बी इंडिया के अध्यक्ष राहुल बोस ने मुख्यमंत्री को प्रतीक चिह्न एवं स्मृति पुस्तक भेंट की। उन्होंने बिहार में रग्बी के बढ़ते प्रभाव और नीतीश कुमार के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा:
“बिहार खेल संरचना, प्रशासन और प्रदर्शन — तीनों मोर्चों पर अनुकरणीय कार्य कर रहा है।”
उपस्थित गणमान्य व्यक्ति
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा, विकास आयुक्त प्रत्यय अमृत, खेल विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेन्दर, रग्बी इंडिया अध्यक्ष राहुल बोस, अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी आरती सिन्हा, गौरव कुमार, तथा खेल विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

‘एशिया रग्बी अंडर-20 चैंपियनशिप-2025’ के रूप में बिहार की धरती पर खेल इतिहास का स्वर्णिम अध्याय लिखा जाने वाला है। राजगीर के माध्यम से बिहार न केवल एशिया बल्कि वैश्विक खेल मानचित्र पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने को तैयार है।


