
पटना, 2 अगस्त 2025: बिहार पुलिस में नियुक्त 21,659 नए सिपाहियों का बहुप्रतीक्षित बुनियादी प्रशिक्षण सत्र राज्य के सभी जिलों में एक साथ प्रारंभ हो गया है। इन सिपाहियों में पुरुष और महिला दोनों वर्गों के प्रशिक्षु शामिल हैं, जिन्हें राज्य के विभिन्न पुलिस प्रशिक्षण केंद्रों के साथ-साथ बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस (BSAP) की कई वाहिनियों में भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
प्रशिक्षण का उद्देश्य: बेहतर, अनुशासित और जनोन्मुखी पुलिसिंग
इस बुनियादी प्रशिक्षण कार्यक्रम का मूल उद्देश्य नए सिपाहियों को शारीरिक दक्षता, विधिक जानकारी, अपराध नियंत्रण की रणनीतियाँ, आधुनिक हथियारों का संचालन, अनुशासन और सामुदायिक पुलिसिंग जैसे आवश्यक पुलिस कौशलों से लैस करना है। यह प्रशिक्षण उन्हें न केवल एक कुशल सुरक्षा कर्मी बनाएगा, बल्कि उन्हें संवेदनशील, मानवीय और जनसेवा-उन्मुख पुलिस कर्मी के रूप में भी विकसित करेगा।
राज्यव्यापी प्रशिक्षण व्यवस्था
प्रशिक्षण की व्यवस्था जिला स्तरीय पुलिस प्रशिक्षण केंद्रों के अलावा बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस की विभिन्न वाहिनियों में की गई है, ताकि प्रशिक्षण की गुणवत्ता और प्रबंधन सुचारु रहे। सभी केंद्रों पर वरिष्ठ प्रशिक्षकों और अनुभवी पुलिस अधिकारियों की निगरानी में प्रशिक्षण चलाया जा रहा है।
भविष्य के प्रहरी: समाज में शांति और सुरक्षा के दूत
प्रशिक्षण के उपरांत ये नवसिपाही बिहार पुलिस की रीढ़ बनेंगे। इन्हें जनता की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध नियंत्रण और शांति स्थापना जैसे अहम कार्यों की ज़िम्मेदारी दी जाएगी। सरकार का मानना है कि यह नई पीढ़ी की पुलिस बल राज्य को और अधिक सुरक्षित, न्यायपूर्ण और कानूनसम्मत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
मुख्य बातें संक्षेप में:
- कुल 21,659 सिपाहियों का प्रशिक्षण शुरू
- पुरुष एवं महिला दोनों वर्गों के प्रशिक्षु शामिल
- जिला प्रशिक्षण केंद्रों और BSAP वाहिनियों में प्रशिक्षण
- प्रशिक्षण में शारीरिक, विधिक, तकनीकी और नैतिक विषयों पर ज़ोर
- उद्देश्य: जनसेवा के लिए समर्पित, अनुशासित और संवेदनशील पुलिस बल का निर्माण
सरकार की प्रतिबद्धता
राज्य सरकार द्वारा पुलिस बल को सुदृढ़ बनाने हेतु निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। बड़े पैमाने पर हुई यह भर्ती और उसका व्यवस्थित प्रशिक्षण इस दिशा में एक मील का पत्थर माना जा रहा है।


