कृषि सलाह : जुलाई-अगस्त में इन बातों का रखें ध्यान, फसल होगी बेहतर

कृषि विभाग ने किसानों के लिए जारी किए महत्वपूर्ण सुझाव

पटना | 23 जुलाई 2025: खरीफ सीजन में फसल की बेहतर उत्पादकता और गुणवत्ता के लिए कृषि विभाग ने किसानों के लिए महत्वपूर्ण सुझाव जारी किए हैं। विभाग का कहना है कि अगर किसान जुलाई और अगस्त माह में कीट-रोग नियंत्रण, उर्वरक का संतुलित उपयोग और जल निकासी जैसी बातों का ध्यान रखें, तो पैदावार में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है।


जुलाई में ये कार्य करें किसान

  • धान की रोपाई माह के अंत तक अवश्य पूर्ण कर लें।
  • रोपाई से पहले बिचड़ों की जड़ों को क्लोरोपायरीफॉस 20 ईसी (2.5 मि.ली./लीटर पानी) और 1% यूरिया घोल में 3 घंटे डुबोएं।
  • खरपतवार नियंत्रण हेतु 15-20 दिन बाद निकौनी करें।
  • धड़छेदक कीट से बचाव के लिए कार्बोफ्यूरान 3G, कर्टाप हाइड्रोक्लोराइड 4G (4-5 दाने प्रति गभ्भा) या इमिडाक्लोप्रिड 17.8 SL (1 मि.ली./3 लीटर पानी) का छिड़काव करें।
  • मिर्च, टमाटर और अगात गोभी की नर्सरी तैयार करें और बीजोपचार के बाद बोआई करें।
  • खरीफ चारा फसलों की बुवाई जुलाई माह में पूरी कर लें।
  • फलदार पौधों के लिए ग्राफ्टिंग, स्टूलिंग, एयर लेयरिंग करें।
  • पपीता के पौधों की रोपाई तथा फल बाग लगाने के लिए गड्ढों की तैयारी करें।

अगस्त में रखें इन बातों का ध्यान

  • धान में यूरिया का छिड़काव रोपाई के एक सप्ताह बाद करें।
  • अल्गी कल्चर (10 किग्रा/हेक्टेयर) का उपयोग कर जैविक सक्रियता बढ़ाएं।
  • तनाछेदक कीट से बचाव हेतु 8-10 फेरोमोन ट्रैप प्रति हेक्टेयर लगाएं।
  • हिस्पा कीट नियंत्रण के लिए साइपरमेथ्रिन 10 ईसी या फेनवलरेट 20 ईसी (1 मि.ली./लीटर) का छिड़काव करें।
  • बैक्टीरियल लीफ ब्लाइट के लिए स्ट्रेप्टोसाइक्लिन (60 ग्राम) और कॉपर ऑक्सीक्लोराइड (2.5 किग्रा/हेक्टेयर) का छिड़काव करें।
  • बरसाती सब्जियों में निकाई-गुड़ाई और जल निकासी पर विशेष ध्यान दें।
  • मिर्च, बैंगन, टमाटर की रोपाई करें।
  • पपीता, आम, लीची जैसे पौधों को अप्रैल-मई में तैयार किए गए गड्ढों में अगस्त माह के अंत तक अवश्य रोपें।

कृषि विभाग की अपील

कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे इन दो महीनों में समय पर कृषि कार्य, कीट-रोग प्रबंधन, उर्वरक का संतुलित उपयोग और जल निकासी पर विशेष ध्यान दें। ये सावधानियाँ फसल की उत्पादकता और गुणवत्ता में वृद्धि के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।


 

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