
सिवान। बिहार के सिवान में सिपाही भर्ती परीक्षा के बाद अब नियुक्ति प्रक्रिया में फर्जीवाड़ा सामने आया है। बुधवार को पुलिस लाइन, सिवान में जब नवचयनित सिपाहियों की जॉइनिंग हो रही थी, उसी दौरान एक फर्जी सिपाही वर्दी पहनकर दूसरे के नाम पर ड्यूटी जॉइन करने पहुंच गया। लेकिन अधिकारियों की सतर्कता से वह गिनती के दौरान पकड़ लिया गया।
कैसे पकड़ा गया फर्जी सिपाही?
बुधवार को कुल 256 सिपाहियों को पदभार ग्रहण करना था। लेकिन जब पुलिस लाइन में पीटी परेड के दौरान गिनती हुई, तो कुल 257 लोग मौजूद पाए गए। एक अधिक संख्या देखकर वरिष्ठ अधिकारियों को शक हुआ और तुरंत सभी सिपाहियों की पहचान और दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी गई।
फर्जी लेटर और वर्दी के साथ पहुंचा था आरोपी
जांच में पता चला कि एक व्यक्ति फर्जी तरीके से किसी दूसरे चयनित अभ्यर्थी के नाम पर जॉइनिंग करने आया था। उसने जाली जॉइनिंग लेटर और सिपाही की वर्दी भी पहन रखी थी, ताकि वह भीड़ में नजर न आए। जब कड़ाई से पूछताछ की गई तो उसकी पहचान छपरा जिले के गढ़खा थाना क्षेत्र के सिमरिया गांव निवासी नीरज कुमार, पिता जगत नारायण के रूप में हुई।
थाने में दर्ज हुई प्राथमिकी
फर्जी सिपाही को मुफस्सिल थाना लाया गया, जहां एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी की गई। मुफस्सिल थाना प्रभारी अशोक दास ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा:
“एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। आरोपी नीरज कुमार के खिलाफ सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं अपनाई जा रही हैं।”
पहले भी पकड़े गए थे दो फर्जी अभ्यर्थी
यह कोई पहला मामला नहीं है। 20 जुलाई को भी दो फर्जी अभ्यर्थी गिरफ्तार किए गए थे, जब वे डीएवी उच्च विद्यालय सह राजकीय इंटर कॉलेज में चल रही सिपाही भर्ती परीक्षा में दूसरे के स्थान पर परीक्षा देने पहुंचे थे।
बढ़ते फर्जीवाड़े पर चिंता
बिहार में सिपाही बहाली प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए केंद्रीय चयन परिषद (सीएसबीसी) लगातार प्रयास कर रही है, लेकिन परीक्षा से लेकर नियुक्ति तक फर्जीवाड़े के मामलों ने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इससे न केवल ईमानदारी से चयनित अभ्यर्थियों का मनोबल गिरता है, बल्कि पुलिस बल की साख पर भी असर पड़ता है।


