बिहार में बैंकों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए रैंकिंग इंडेक्स को मिली मंजूरी: सम्राट चौधरी

पटना, 23 जुलाई 2025: राज्य में बैंकिंग प्रणाली के प्रदर्शन में सुधार और जवाबदेही तय करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि बैंकों के लिए प्रदर्शन आधारित रैंकिंग/स्कोरिंग इंडेक्स लागू करने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। यह इंडेक्स राज्य की आर्थिक प्रगति में बैंकों की भागीदारी को मापने का आधार बनेगा।

क्या है रैंकिंग इंडेक्स?

यह इंडेक्स बैंकों के प्रदर्शन को विभिन्न मानकों के आधार पर आंकेगा, जैसे:

  • वार्षिक साख योजना के लक्ष्य की प्राप्ति
  • क्रेडिट-डिपॉजिट अनुपात (CD Ratio) में सुधार
  • कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन जैसे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में ऋण वितरण
  • स्वयं सहायता समूहों (SHG) को ऋण की उपलब्धता
  • मुद्रा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, पीएमईजीपी जैसी सरकारी योजनाओं में बैंक की भागीदारी

कम अंक पाने वाले बैंकों पर प्रतिबंध

उपमुख्यमंत्री चौधरी ने स्पष्ट किया कि इस इंडेक्स में 40 से कम अंक लाने वाले बैंकों को:

  • राज्य सरकार की योजनाओं में भागीदारी से वंचित किया जाएगा,
  • सरकारी जमा, सार्वजनिक उपक्रमों, प्राधिकरणों एवं सोसाइटीज से जुड़े बैंकिंग लेन-देन की अनुमति नहीं दी जाएगी।

राज्य की स्थिति और सरकार की चिंता

सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार के क्रेडिट-डिपॉजिट अनुपात में गिरावट और वित्तीय वर्ष 2024-25 में अधिकांश बैंकों के लक्ष्यों को प्राप्त न कर पाने के चलते यह कदम जरूरी हो गया था। उन्होंने कहा कि बैंक केवल जमा की सुविधा नहीं बल्कि राज्य की आर्थिक प्रगति और रोजगार सृजन में अहम भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने कहा, “यह इंडेक्स बैंकों के लिए चेतावनी है। यदि वे निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरते, तो राज्य सरकार की योजनाओं और संसाधनों से उन्हें बाहर किया जाएगा।”


 

  • ये भी पढ़े..

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर श्रद्धांजलि, अगले वर्ष उनके नाम पर बनेगा भव्य पार्क

    Share Add as a preferred…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *