
पटना, 23 जुलाई 2025: बिहार के वैशाली जिले में निर्मित बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय-सह-स्मृति स्तूप का उद्घाटन 29 जुलाई को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा किया जाएगा। यह भव्य स्मारक वैश्विक बौद्ध समुदाय के लिए श्रद्धा, सांस्कृतिक गर्व और आकर्षण का केंद्र बनेगा।
15 देशों के भिक्षुओं की संभावित सहभागिता
उद्घाटन समारोह में चीन, जापान, श्रीलंका, थाईलैंड, नेपाल, तिब्बत, म्यांमार, भूटान, वियतनाम, मलेशिया, लाओस, कंबोडिया, मंगोलिया, बांग्लादेश और इंडोनेशिया जैसे पंद्रह बौद्ध देशों के भिक्षुओं की उपस्थिति संभावित है। यह आयोजन वैश्विक बौद्ध एकता और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का भी प्रतीक होगा।
भव्य निर्माण, आधुनिक तकनीक से लैस
- स्मृति स्तूप का निर्माण भवन निर्माण विभाग द्वारा किया गया है।
- यह परिसर 72 एकड़ भूमि में फैला हुआ है और इसकी निर्माण लागत 550.48 करोड़ रुपये है।
- संग्रहालय परिसर ऐतिहासिक पुष्करणी तालाब और मड स्तूप के समीप स्थित है।
प्रमुख विशेषताएं:
- भगवान बुद्ध का पावन अस्थि कलश प्रथम तल पर स्थापित किया जाएगा, जो 1958–62 की खुदाई में प्राप्त हुआ था।
- स्तूप का निर्माण वंशी पहाड़पुर (राजस्थान) से लाए गए 42,373 बलुआ पत्थरों से टंग एंड ग्रूव तकनीक के माध्यम से किया गया है।
- पूरी संरचना भूकंपरोधी तकनीक से सुसज्जित है।
- परिसर में ध्यान केंद्र, पुस्तकालय, आगंतुक केंद्र, संग्रहालय ब्लॉक, एम्फीथियेटर, कैफेटेरिया, 500 किलोवाट सौर ऊर्जा संयंत्र, विशाल पार्किंग, और अन्य आधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं।
- ओडिशा के कलाकारों द्वारा निर्मित भगवान बुद्ध की भव्य प्रतिमा इस स्थल की एक विशिष्ट पहचान होगी।
पर्यटन और रोजगार को नई दिशा
विभागीय सचिव कुमार रवि ने बताया कि यह स्मारक न केवल बिहार की सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है, बल्कि यह वैश्विक बौद्ध विरासत को भी सशक्त करेगा। इससे स्थानीय पर्यटन, सांस्कृतिक गतिविधियों और रोजगार को भी उल्लेखनीय प्रोत्साहन मिलेगा।


