
पटना, 23 जुलाई 2025: बिहार भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के तत्वावधान में राजधानी पटना में दो दिवसीय कार्यशाला की शुरुआत हुई। भवन निर्माण कार्यों से जुड़े श्रमिकों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से दशरथ मांझी श्रम नियोजन एवं अध्ययन संस्थान में यह कार्यशाला मंगलवार को शुरू हुई।
इस कार्यशाला का आयोजन श्रम संसाधन विभाग द्वारा सरकारी कार्यों को नियमानुसार और तीव्र गति से संपादित करने की दृष्टि से किया गया है। इसमें राज्य के सभी उप श्रमायुक्त, सहायक श्रमायुक्त और प्रत्येक प्रमंडल से तीन-तीन श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी भाग ले रहे हैं।
कार्यशाला के प्रमुख विषय:
- भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण उपकर अधिनियम, 1996 के तहत उपकर निर्धारण एवं संग्रहण
- चार श्रम संहिताएं:
- कोड ऑन वेजेज, 2019
- कोड ऑन सोशल सिक्योरिटी, 2020
- कोड ऑन इंडस्ट्रियल रिलेशंस, 2020
- कोड ऑन ऑक्युपेशनल सेफ्टी, हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशन, 2020
- निर्माण स्थलों पर कार्यरत श्रमिकों के लिए स्वास्थ्य एवं सुरक्षा उपाय
विशेषज्ञों का मार्गदर्शन:
कार्यशाला में श्रम कानूनों और तकनीकी विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान दिया गया।
इनमें शामिल रहे:
- ओंकार शर्मा, सेवानिवृत्त मुख्य श्रमायुक्त (केंद्रीय)
- राम बाबू, अधीक्षण अभियंता, भवन निर्माण विभाग, बिहार सरकार
- वैशाली लाहिड़ी, राष्ट्रीय परियोजना समन्वयक, अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO)
इन विशेषज्ञों ने उपस्थित अधिकारियों को श्रम संहिताओं के प्रावधानों, कार्यान्वयन की रणनीतियों और श्रमिकों की सुरक्षा से जुड़ी आवश्यक जानकारियाँ प्रदान कीं।
निरंतर प्रशिक्षण की योजना
बोर्ड के अनुसार, इससे पहले भी अप्रैल-मई माह में इसी प्रकार की कार्यशाला आयोजित की गई थी। पदाधिकारियों के नियमित उन्मुखीकरण (Orientation) हेतु ऐसे कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाएंगे, ताकि श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके और कल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन हो।


