90 दिन में नहीं चुकाया ई-चालान तो रद्द हो सकता है ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी,बिहार में ट्रैफिक पुलिस ने जारी किया सख्त निर्देश

बिहार में ट्रैफिक नियमों को लेकर पुलिस ने अब और सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। मंगलवार को ट्रैफिक एडीजी सुधांशु कुमार ने वाहन चालकों और मालिकों के लिए सख्त निर्देश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी वाहन पर ई-चालान जारी हुआ है और निर्धारित समय—90 दिनों—के भीतर जुर्माना नहीं भरा गया, तो संबंधित चालक का ड्राइविंग लाइसेंस (DL) और वाहन रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) रद्द कर दिया जाएगा।

90 दिन में नहीं चुकाया ई-चालान तो रद्द हो सकता है ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी,बिहार में ट्रैफिक पुलिस ने जारी किया सख्त निर्देश

90 दिन में नहीं चुकाया ई-चालान तो रद्द हो सकता है ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी,बिहार में ट्रैफिक पुलिस ने जारी किया सख्त निर्देश

सभी वाहन मालिकों पर लागू होगा नया नियम

एडीजी सुधांशु कुमार ने कहा कि नया निर्देश सभी प्रकार के वाहन चालकों और मालिकों पर समान रूप से लागू होगा—चाहे वह स्वयं वाहन चला रहे हों या किसी और के द्वारा उनका वाहन चलाया गया हो। अगर उस दौरान ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन होता है और ई-चालान कटता है, तो वाहन मालिक की जिम्मेदारी है कि वह 90 दिन के भीतर चालान की राशि जमा करे।

90 दिन में नहीं चुकाया ई-चालान तो रद्द हो सकता है ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी,बिहार में ट्रैफिक पुलिस ने जारी किया सख्त निर्देश

उन्होंने कहा,

“अगर जुर्माना तय समय में जमा नहीं किया गया, तो वाहन से जुड़ी सभी वैधता रद्द मानी जाएगी। इसके बाद वह वाहन सड़क पर नहीं चलाया जा सकेगा और ऐसा करने पर वाहन मालिक व चालक—दोनों पर कानूनी कार्रवाई होगी।”

पोर्टल पर समय से अपडेट करें वाहन की जानकारी

एडीजी ने वाहन मालिकों को यह भी निर्देश दिया कि वे अपने वाहन से जुड़ी सभी आवश्यक जानकारियां जैसे—वर्तमान पता, बीमा विवरण, फिटनेस आदि को समय रहते मोटर व्हीकल्स इंटीग्रेटेड पोर्टल (MVI Portal) पर अपडेट करें। यह कार्य नहीं करने पर भी वाहन मालिक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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गलत चालान पर मिलेगी आपत्ति दर्ज कराने की सुविधा

एडीजी ने वाहन मालिकों को एक राहत देते हुए बताया कि अगर किसी को लगता है कि ई-चालान गलत तरीके से जारी किया गया है, तो वे इसके खिलाफ आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। लेकिन इसके लिए भी समय सीमा 90 दिन निर्धारित है।

वाहन मालिक को चालान जारी होने की तिथि से लेकर 90 दिनों के भीतर संबंधित जिला परिवहन कार्यालय (DTO) जाकर ‘शिकायत निवारण प्राधिकरण’ के समक्ष अपनी शिकायत प्रस्तुत करनी होगी। जांच में यदि शिकायत सही पाई जाती है तो चालान रद्द किया जा सकता है।

देरी करने पर नहीं मिलेगी सुनवाई

सुधांशु कुमार ने सख्त लहजे में कहा कि

“अगर कोई वाहन मालिक 90 दिन की समय सीमा के बाद डीटीओ कार्यालय शिकायत लेकर आता है, तो उसकी सुनवाई नहीं की जाएगी। ऐसे में चालान को लेकर किसी भी प्रकार की कानूनी राहत नहीं मिलेगी और जुर्माना चुकाना अनिवार्य होगा।”


बिहार में ट्रैफिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है। वाहन मालिकों को चाहिए कि वे समय पर चालान का भुगतान करें और अपनी वाहन संबंधी जानकारियों को अपडेट रखें, ताकि अनावश्यक परेशानी से बचा जा सके।

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