
बिहार के नालंदा जिले से एक गंभीर और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। हरनौत थाना परिसर में मंगलवार शाम डायल 112 में तैनात सहायक अवर निरीक्षक (ASI) रामपुकार यादव ने अपनी सर्विस पिस्टल से खुद को गोली मार ली। यह घटना थाना परिसर के पीछे स्थित बाथरूम में हुई, जहां गोली चलने की आवाज सुनकर थाना में मौजूद अधिकारी मौके पर पहुंचे।
गोली सिर में लगने के कारण एएसआई की स्थिति नाजुक बनी हुई है। उन्हें पहले कल्याण बिगहा रेफरल अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें पटना के पारस अस्पताल रेफर किया गया।
थाना परिसर सील, जांच में जुटी पुलिस
घटना की सूचना मिलते ही सदर एसडीपीओ-2 संजय कुमार जायसवाल, सुरक्षा डीएसपी और आसपास के थानों की पुलिस हरनौत थाना पहुंची। फिलहाल थाना का मुख्य गेट बंद कर दिया गया है और किसी को भी अंदर प्रवेश की अनुमति नहीं है। घटनास्थल को सील कर फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है।
एसडीपीओ संजय कुमार जायसवाल ने बताया, “डायल 112 में तैनात एएसआई रामपुकार यादव द्वारा खुद को गोली मारे जाने की घटना की जांच की जा रही है। सभी पहलुओं की गहनता से पड़ताल हो रही है और फॉरेंसिक टीम ने जरूरी साक्ष्य एकत्र किए हैं।”
तनाव में थे एएसआई? कारणों की पुष्टि नहीं
स्थानीय सूत्रों और कुछ पुलिसकर्मियों के अनुसार, एएसआई रामपुकार यादव पिछले कुछ समय से मानसिक रूप से तनाव में थे। चर्चा यह भी है कि उन्हें विभागीय स्तर पर दबाव या प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा था। हालांकि, पुलिस ने अभी तक इस संबंध में किसी निष्कर्ष या कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
विभागीय जांच के निर्देश
घटना के बाद विभागीय स्तर पर भी जांच के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि एएसआई ने यह कदम किन परिस्थितियों में उठाया। उनके कार्य व्यवहार, हाल के कर्तव्यों और मानसिक स्थिति की जांच की जा रही है।
इलाज जारी, परिवार को दी गई सूचना
रामपुकार यादव का इलाज पटना के पारस अस्पताल में जारी है। डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। उनके परिजनों को सूचित कर दिया गया है और वे अस्पताल में मौजूद हैं।
यह दुखद घटना न केवल व्यक्तिगत पीड़ा को दर्शाती है, बल्कि पुलिस बल में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य एवं कार्य दबाव पर भी चर्चा की मांग करती है। जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


