कैमूर, 16 जुलाई — बिहार के कैमूर जिले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां जिला जज अनुराग के गार्ड शेषनाथ चौबे के साथ मारपीट और लूटपाट की गई। बाइक सवार आठ बदमाशों ने दिनदहाड़े उन्हें अगवा कर लिया और सुअरा नदी के पास ले जाकर बुरी तरह पीटा। घटना भभुआ-मोहनिया रोड स्थित मंडलाकार जेल के पास हुई। पीड़ित की सूझबूझ से जान तो बच गई, लेकिन घटना ने जिले की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कैसे घटी वारदात?
पीड़ित शेषनाथ चौबे, जो बक्सर से भभुआ अपनी बाइक से लौट रहे थे, ने बताया:
“मंडलाकार जेल के पास पीछे से दो बाइक पर सवार करीब आठ बदमाशों ने मेरी बाइक में टक्कर मार दी। सभी गिर पड़े, लेकिन इसके बाद उन्होंने मेरे साथ बेरहमी से मारपीट शुरू कर दी। राहगीरों से मदद मांगी, मगर बदमाशों ने उन्हें भी डरा कर भगा दिया।”
जबरन अगवा कर सुअरा नदी ले गए
मारपीट के बाद बदमाशों ने शेषनाथ को यह कहकर बहलाया कि उन्हें इलाज की ज़रूरत है, और जबरन बाइक पर बैठाकर सुअरा नदी की ओर ले गए। वहां दोबारा मारपीट कर 850 रुपये और बाइक लूट ली।
“उन्होंने धमकी दी कि शोर मचाया तो जान से मार देंगे। मैंने मौका पाकर वहां से भागकर सेमरिया के हनुमान मंदिर में शरण ली। बदमाश वहां भी पहुंचे, लेकिन लोगों की भीड़ देख भाग निकले।” — शेषनाथ चौबे
हनुमान मंदिर बना शरणस्थली
मंदिर के पुजारी ओम प्रकाश तिवारी ने बताया कि डरा-सहमा एक व्यक्ति मंदिर में घुस आया और दरवाजा बंद कर लिया। उसने बताया कि वह सरकारी कर्मचारी है और बदमाश उसका पीछा कर रहे थे। उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
पुलिस ने की त्वरित कार्रवाई
घटना की जानकारी मिलते ही भभुआ पुलिस हरकत में आई। एसडीपीओ शिव शंकर कुमार ने बताया:
“घटना में एक आरोपी राकेश जायसवाल को गिरफ्तार कर लिया गया है। साथ ही गार्ड की लूटी गई बाइक समेत दो और बाइक बरामद की गई हैं। मुख्य आरोपी आकाश पटेल सहित अन्य छह बदमाशों की तलाश में छापेमारी की जा रही है।”
गिरफ्तार और फरार आरोपियों में सभी भभुआ थाना क्षेत्र के इटाढ़ी और बारे गांव के रहने वाले बताए जा रहे हैं।
पुलिस पर सवाल, गार्ड पर हमला
इस घटना ने पुलिस विभाग को झकझोर दिया है क्योंकि जिस गार्ड को निशाना बनाया गया वह स्वयं जिला जज की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी था। इससे आम लोगों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।


