
पटना, 16 जुलाई — चर्चित व्यवसायी गोपाल खेमका हत्याकांड में लापरवाही बरतने के आरोप में गांधी मैदान थानेदार राजेश कुमार को निलंबित कर दिया गया है। कार्रवाई एसएसपी कार्तिकेय शर्मा की अनुशंसा पर रेंज आईजी जितेंद्र राणा द्वारा की गई है। इसके अतिरिक्त थाना के चार अन्य पुलिसकर्मियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है, जिन पर भी दोष सिद्ध होने पर विभागीय कार्रवाई की तलवार लटक रही है।
सूचना संकलन में भारी चूक
आईजी जितेंद्र राणा ने बताया कि:
“हत्या की सूचना पुलिस को समय पर नहीं मिली, यह गंभीर लापरवाही है। थानेदार के क्षेत्र में हत्या जैसी बड़ी घटना होती है और पुलिस को स्वतः जानकारी नहीं मिलती, तो यह दर्शाता है कि थाने का सूचना तंत्र निष्क्रिय है।”
हत्या की घटना: क्या हुआ था 4 जुलाई की रात?
4 जुलाई की रात गांधी मैदान थाना क्षेत्र के राम गुलमा चौक स्थित कटारुका निवास के सामने उद्योगपति गोपाल खेमका की कार में ही गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। यह वारदात उस समय हुई जब खेमका अपने घर लौट रहे थे।
घटना के बाद से पुलिस की कार्यशैली पर लगातार सवाल उठ रहे थे, क्योंकि:
- न तो समय पर पुलिस पहुंची,
- और न ही घटना की स्वतः जानकारी थाने को मिली।
एसआईटी और एसटीएफ ने किया खुलासा
जांच के लिए गठित एसआईटी और एसटीएफ की टीमों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए:
- शूटर उमेश यादव को गिरफ्तार किया।
- उसकी निशानदेही पर कोतवाली थाना क्षेत्र के उदयगिरी अपार्टमेंट से मास्टरमाइंड अशोक साव को दबोचा गया।
- पूछताछ में खुलासे के बाद पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त पिस्टल और बाइक भी बरामद कर ली है।
पुलिस महकमे में हड़कंप
इस पूरे घटनाक्रम के बाद पटना पुलिस के सूचना नेटवर्क और आपात प्रतिक्रिया प्रणाली पर सवाल उठे हैं। थानेदार की निलंबन कार्रवाई से स्पष्ट है कि अब लापरवाह पुलिसकर्मियों पर सीधे कार्रवाई होगी। एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने भी कहा है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।


